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दो और अनामिका शुक्ला के बारे में पता चला, मची खलबली

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पीलीभीत। कई नामों से नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण की सुर्खियों के बीच यहां ऐसे ही नामों से कार्यरत दो शिक्षिकाओं के बारे में और पता चला है। मानव संपदा पोर्टल पर सर्च करने के दौरान इन दोनों का पता चला है। दोनों की ही जन्मतिथि सात सितंबर 1988 दर्ज है, हालांकि दोनों के नाम अलग-अलग दर्ज हैं। इससे पहले शुक्रवार को जिस अनामिका शुक्ला के बारे में पता चला था, उसे बेसिक शिक्षा विभाग ढूंढ तो नहीं पाया है, मगर उसके तलब कर लिया है।
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जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका वर्ष 2015 में हुई 72 हजार शिक्षक भर्ती में उसका चयन हुआ था। शिक्षिका ने पांच नवंबर 2015 को ज्वाइन किया। अभिलेखों के मुताबिक उसने लखनऊ के एक कॉलेज से 2013 में बीएड किया। उसने बीएससी (बॉयो) वर्ष 2007 में कानपुर के एक कॉलेज से किया है। बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने अपने कर्मचारियों को उसका पूरा ब्योरा निकालकर उसे मूल अभिलेखों के साथ सोमवार को कार्यालय में बुलाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग के कर्मचारी अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका को तलाश करने में जुट गए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि कौन से विद्यालयों में अनामिका शुक्ला की तैनाती है। शनिवार की छुट्टी होने के बाद भी कर्मचारी शिक्षिका की तलाश में जुटे रहे। बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने बताया कि अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका का नाम प्रकाश में आया है। उसे मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय अभिलेख मिलान के लिए बुलाया गया है।
उधर, एक शिक्षिका के मूल प्रमाण पत्र गायब होने का मामला खुलने के बाद बीएसए दफ्तर में खलबली मची हुई है। इस बीच संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर एन के कपूर को पटल से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई को शिक्षिका से जुड़े मामले से ही जोड़ा जा रहा है।
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