पीलीभीत। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट अमृत सरोवर का जिले में बुरा हाल है। बजट की बारिश के बाद भी अमृत सरोवर बदहाल हैं। जिले के जिन 198 तालाबों को अमृत सरोवर के तौर पर विकसित किया गया था, उनमें से अधिकांश का हाल बुरा है। यहां पानी के साथ लगाए गए पेड़ भी सूख चुके हैं। जगह- जगह झाड़ियां उग आई हैं। गंदगी का अंबार दिखता है। पाथवे के साथ ही बैठने के लिए बनाई गईं सीमेंट की बेंचें भी जर्जर हो चुकी हैं।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में तालाबों की बदहाली को दूर करने के लिए अमृत योजना को लागू किया था। जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों में तालाबों का भौतिक सत्यापन कराया। 260 ग्राम पंचायतों के तालाबों को अमृत सरोवर के तौर पर विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया। यहां पौधरोपण कराने के साथ ही टहलने के लिए चारों ओर पाथवे व बैठने के लिए बेंचें बनवाई गईं।
इस पर कई करोड़ रुपये खर्च हुए। उद्देश्य था कि जल संरक्षण और जल संचय के साथ ग्रामीणों को गांव में ही टहलने व सुबह-शाम के समय बैठने के लिए उचित स्थान मिल जाए। अधिकारियों की अनदेखी के चलते करोड़ों रुपये स्वाहा होने के बाद भी यह सपना अधूरा है।
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सूखा पड़ा तालाब, जर्जर पाथवे और बेंचें गायब
सराय सुंदरपुर :
ग्राम पंचायत सराय सुंदरपुर में करीब चार लाख रुपये की लागत से तालाब को अमृत सरोवर के तौर पर विकसित किया गया था। देखरेख के अभाव में कुछ ही महीनों में यह बदहाल हो गया। तालाब का पानी सूखने के साथ ही पाथवे जर्जर हो चुका है। यहां बनाईं गईं बेंचे गायब हैं। जिम्मेदार यहां सुधार कराने की जहमत नहीं उठा रहे।
कागजों में हुआ कार्य, बदहाल पड़ा अमृत सरोवर
मुडेला कला :
ग्राम पंचायत मुडेला कलां में भी तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया गया था। यहां करीब पांच लाख रुपये की लागत से विकास कराए गए थे। सुंदरीकरण के काम कराने के साथ ही पौधरोपण भी कराया गया। अब यह बदहाल है। नतीजतन ग्रामीण भी यहां टहलने के लिए नहीं आते।
पाथवे टूटा, गंदगी का अंबार
अजीतपुर पटपरा :
ग्राम पंचायत अजीतपुर पटपरा में स्थित तालाब को वर्ष 2022 में अमृत सरोवर के रूप विकसित किया गया था। शुरुआत में अधिकारियों ने कार्य कराने में गंभीरता दिखाई। तालाब में पाथवे बनाने के साथ कुर्सियां आदि लगवाई गईं। सुंदरीकरण के भी कई कार्य कराए गए। अब स्थिति यह है कि यहां गंदगी की वजह से रुकना तक मुश्किल होता है। तालाब का पानी सूखने के साथ ही अन्य कार्यों का हाल भी बुरा है।
दो लाख खपाये, सुधार नहीं करा पाए
बिठौरा कला :
ग्राम पंचायत बिठौर कलां में अमृत सरोवर के लिए करीब 25 लाख रुपये का बजट मंजूर हुआ। कार्य शुरू कर तालाब की खोदाई कराई गई। इसके बाद बजट की कमी आड़े आई तो काम बंद कर दिया गया। यहां नाममात्र का पानी ही दिखता है। तालाब क्षेत्र में गंदगी के अंबार से लोग परेशान हैं।
वर्जन :
अमृत सरोवरों की साफ-सफाई की व्यवस्था कराई जा रही है। कार्य की स्थिति को दिखाने के साथ ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - वंदना सिंह, डीसी मनरेगा
ग्राम पंचायत सराय सुंदरपुर में बना अमृत सरोवर।संवाद
ग्राम पंचायत सराय सुंदरपुर में बना अमृत सरोवर।संवाद
ग्राम पंचायत सराय सुंदरपुर में बना अमृत सरोवर।संवाद