शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अफसरों की बनाई रणनीतियां धरातल पर पूरी तरह से ध्वस्त साबित हो चुकी हैं। जाम को लेकर सड़कों पर तस्वीर आम होती जा रही है, जिसके आगे जिम्मेदार पूरी तरह से नाकाम दिखाई दे रहे हैं। खाकी के इसी लापरवाह नजरिये के चलते एक बार फिर सोमवार सुबह साढ़े 11 बजे गौहनिया चौराहा के पास टनकपुर हाईवे जाम की चपेट में आ गया। जिसके बाद छुट्टी के बाद घर जा रहे स्कूली बच्चों से लेकर एंबुलेंस में फंसे मरीज सभी फंसकर रह गए। जैसे-तैसे एंबुलेंस को निकलने की जगह दी गई। इसके करीब ढाई घंटे बाद कछुआ चाल से ही सही वाहनों को निकलवाया जा सका।
ट्रैफिक पुलिस का अहम प्वाइंट होने के बावजूद टनकपुर हाईवे पर गौहनिया चौराहा के पास रोजना दोपहर को जाम की समस्या बनी रहती है। सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे ट्रैफिक पुलिस का एक सिपाही व चार होमगार्ड चौराहा पर थे। इस बीच एक मैजिक गलत दिशा से आई और कुछ ही देर में जाम लगना शुरू हो गया। देखते ही देखते हाईवे पर चारों तरफ वाहनों की कतार लग गई। गन्ने की ट्रैक्टर ट्रालियों के प्रवेश करते ही रास्ता ब्लॉक हो गया। दुपहिया वाहन चालकों ने निकलने के लिए जहां-तहां बाइक फंसा दी। इसके बाद हालात बदतर होते चले गए। इधर, स्कूली बच्चों के रिक्शे भी आ गए। एंबुलेंस भी जाम में फंसकर रह गई। कचहरी रोड, माधोटांडा रोड, गांधी स्टेडियम रोड, छतरी चौराहा और एलएच चीनी मिल को जाने वाले मार्ग पर लंबी कतार लग गई। होमगार्ड और सिपाही जाम को खुलवाने की नाकाम कोशिश करते रहे। लेकिन टीएसआई और थाना पुलिस इससे बेखबर रही। किसी ने भी जाम को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। नतीजतन ढाई घंटे तक लोग जाम में परेशान होते रहे। इस बीच आसपास की गलियों से रास्ता तलाशने के चककर में वहां भी जाम की स्थिति बन गई। दोपहर करीब डेढ़ बजे हालात कुछ सामान्य हुए और कछुआ चाल ही सही यातायात को सुचारू कराया जा सका। जिसके करीब आधा घंटे बाद हाईवे पर वाहनों को रफ्तार मिल सकी। ऐसे में जाम में फंसा हर राहगीर पुलिस के लापरवाह रवैये को लेकर खफा दिखा। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसको लेकर सख्ती कराई जाएगी।