पीलीभीत। जिले की दो प्रमुख सीएचसी इस समय चिकित्सकों की कमीं से जूझ रहीं हैं। अमरिया में पांच के मुकाबले सिर्फ दो चिकित्सक हैं तो बिलसंडा में महिला चिकित्सक ही नहीं हैं। ऐसे में आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, बावजूद इसके जानकर भी जिम्मेदार अंजान बने हुए हैं।
बिलसंडा सीएचसी में करीब आठ वर्षों से कोई महिला चिकित्सक नहीं है। इस वजह से करीब 80 गांवों की गर्भवती महिलाओं को बीसलपुर सीएचसी और निजी अस्पतालाें में प्रसव के लिए जाने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में उन्हें काफी दिक्कत आती है।
स्थानीय लोगों ने कई बार महिला चिकित्सक की तैनाती की मांग को लेकर पत्र सौंपे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ऐसे में आठ वर्षों से गर्भवती महिलाएं मायूस होकर भटकने को मजबूर हैं। आपात स्थिति में तो महिलाओं को उपचार के लिए 30 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
इधर अमरिया सीएचसी की स्थिति भी इससे अलग नहीं हैं। यहां पांच के मुकाबले सिर्फ दो चिकित्सक हैं, उसमें भी एक संविदा पर है। ऐसे में इस सीएचसी से जुड़े विभिन्न गांवों के 60 लाख लोगों को काफी दिक्कत आती है।
अमरिया सीएचसी में चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में कई बार जिला अस्पताल जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जरूरी है कि यहां चिकित्सक के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।
- लीलाधर, अमरिया
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यहां स्थायी चिकित्सक नहीं होने से काफी दिक्कत आती हैं। जरूरी है जल्द रिक्त पद भरा जाए। कई बार यहां के लोगों ने आवाज भी उठाई पर कोई नतीजा नहीं निकला।
-विंदर कौर, अमरिया
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चिकित्सकों के रिक्त पदों पर तैनाती के लिए लगातार शासन से पत्राचार किया जा रहा है। नई नियुक्ति होते ही चिकित्सकों को तैनात कर दिया जाएगा।
-डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ
लीलाधर।
लीलाधर।
लीलाधर।