गुप्ता कॉलोनी स्थित तालाब पर मोती पालन कार्य का शुभारंभ करते जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह। स्रोत
न्यूरिया। नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। मरौरी ब्लॉक क्षेत्र की गुप्ता कॉलोनी निवासी प्रमिला मिस्त्री तालाब में मछली पालन के साथ अब मोती उत्पादन की खेती से खुद के साथ ही अन्य महिलाओं को सशक्त बनाएंगी। इस परियोजना का जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बुधवार को शुभारंभ किया।
महिला किसान प्रमिला मिस्त्री लंबे समय से मछली पालन से जुड़ी हैं। अब उन्होंने मोती उत्पादन (सीप की खेती) की ओर कदम बढ़ाए हैं। मोती उत्पादन के लिए जिले में यह पहला प्रयास हुआ है। प्रमिला की इस पहल से अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वावलंबन का मार्ग खुल गया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रमिला के मोती पालन कार्य का शुभारंभ किया। डीएम ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके जैसी महिलाएं आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक पहचान हैं। उनके प्रयास से समाज को सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा मिलती है। इंटरमीडिएट तक शिक्षित प्रमिला मिस्त्री पहले सीमित आय में परिवार का भरण-पोषण करती थीं। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के बाद प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता लेकर उन्होंने मछली पालन की शुरुआत की।
लखपति दीदी के रूप में बनाई पहचान
मेहनत व लगन के बल पर लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बनाई। अब सीप की खेती के माध्यम से मोती उत्पादन शुरू किया है। प्रमिला का कहना है कि इस परियोजना के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास रहेगा। डीआरपी सुनील कुमार ने बताया कि इस परियोजना में लगभग 6 लाख 20 हजार रुपये की लागत आती है। एक से डेढ़ वर्ष के अनुबंध में अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डीसी एनआरएलएम वंदना सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संवाद
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गुप्ता कॉलोनी स्थित तालाब पर मोती पालन कार्य का शुभारंभ करते जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह। स्रोत