पूरनपुर। ब्लाॅक सभागार में बृहस्पतिवार काे अखिल भारतीय प्रधान संगठन की बैठक में मनरेगा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर होने का आरोप लगाकर ग्राम प्रधानों ने रोष व्यक्त किया।
संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश पाल सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्राम प्रधानों ने बताया, मनरेगा से होने वाले कच्चे काम में प्रधानों व रोजगार सेवकों से चार प्रतिशत और पक्के काम पर नौ प्रतिशत कमीशन वसूला जाता है। विरोध पर भुगतान लटकाए जा रहे हैं। मनरेगा के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) के स्थानांतरण का मुद्दा भी चर्चा में रहा। अधिकारी के स्थानांतरण के कुछ ही देर बाद आदेश निरस्त कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि एपीओ यहां दो साल से तैनात हैं। उसकी कार्यशैली शासन की मंशा के विपरीत है।
कुछ प्रधानों ने एपीओ को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हाेने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस कारण ही उनका स्थानांतरण रद्द किया गया है। बैठक के बाद प्रधानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर भ्रष्टाचार के आरोपों मेें फंसे अफसरों का स्थानांतरण करने की मांग की। पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, जिलाधिकारी, विधायक पूरनपुर और विधायक बरखेड़ा को भेजी है। पत्र में जिलाध्यक्ष नरेश पाल सिंह, ब्लाॅक अध्यक्ष दिनेश पाल, यादवेंद्र पाल, पूनम वर्मा, नाबिर, महेंद्र सिंह, बृजेश कुमार आदि प्रधानों के हस्ताक्षर हैं।