सरकारी कार्य होने का दिया हवाला
पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने कहा कि जिस रास्ते को बंद किया गया है, वहां सरकारी धन से दो बार खड़ंजा निर्माण कराया जा चुका है। इसके अलावा रास्ते से पेयजल की पाइपलाइन और 33 केवी बिजली लाइन भी गुजर रही है। ऐसे में सार्वजनिक रास्ते को बंद किया जाना ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और रास्ता खुलवाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
एसडीएम के बयान पर भड़के ग्रामीण
विरोध के बीच सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह ग्रामीणों को समझाने मौके पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे मालूम है कि चुनाव आने वाले हैं। इस पर ग्रामीण और महिलाएं नाराज हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों पुराने रास्ते की समस्या का चुनाव से क्या संबंध है। मौके पर काफी देर तक ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच बातचीत होती रही। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर रास्ते पर बनाई गई दीवार हटवाने और सार्वजनिक आवागमन बहाल कराने की मांग की।