पीलीभीत। पीटीआर के प्रतिबंधित क्षेत्र में निजी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी के नियम रसूख के सामने बौने साबित हो रहे हैं। सारी सख्ती सिर्फ आम सैलानियों तक सीमित है। नियमों की अनदेखी कर जंगल और चूका बीच में आएदिन निजी वाहनों से फर्राटा भरने वाले रसूखदारों को कोई रोकने-टोकने वाला नहीं। अफसर जानकर भी मौन धारण किए रहते हैं।
यदाकदा मामला सुर्खियों में आने पर कार्रवाई के नाम पर मात्र विभागीय जुर्माना वसूला जाता है। एक बार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन कोई रसूखदार कार्रवाई की जद में नहीं आया।
बाघों की बेहतर मौजूदगी पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन की लगातार पहचान बढ़ा रही है। पीटीआर की महोफ रेंज के कोर एरिया में प्रमुख पर्यटन स्थल चूका बीच है। पर्यटन स्थल आने वाले सैलानियों को चिह्नित मार्गों पर जंगल सफारी कराई जाती है।
कोर एरिया में बाघ समेत वन्यजीवों का दखल अधिक रहता है। ऐसे में एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण) की गाइडलाइन का पालन करते हुए सैलानियों को भ्रमण कराने पर जोर दिया जाता है। निजी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी का दावा किया जाता है।
यह और बात है कि प्रतिबंधों के नियम सिर्फ आम सैलानियों तक ही सीमित हैं। सैलानियों को चूका बीच तक जाने के लिए जंगल सफारी वाहन बुक कराने पड़ते हैं। वहीं रसूखदार आएदिन नियमों को दरकिनार कर जंगल घूमने पहुंचते हैं। चूका बीच में तो अक्सर रसूखदारों का प्रवेश होता है। उनका भ्रमण अफसरों के संज्ञान में भी होता है, लेकिन कार्रवाई की जद में सिर्फ छोटे लोग ही आते हैं।
यह अलग बात है कि इन रसूखदारों के फोटो और वीडियो वायरल नहीं होते। रविवार को राज्यमंत्री के काफिले का वीडियो वायरल होने के बाद मामला जरूर सुर्खियों में आ गया।
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सिपाहियों पर हुई थी कार्रवाई
पीटीआर में सख्ती की बात करें तो पिछले पर्यटन सत्र के दौरान पुलिस के तीन सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। निजी वाहन से महोफ रेंज की कच्ची पटरी पर घूम रहे बरेली के तीन सिपाहियों को डीएफओ ने पकड़ा था। जुर्माना वसूलने के साथ ही विभाग से पत्राचार किया गया। इसके आधार पर सिपाहियों को निलंबित भी किया गया। इसके अलावा भी एक-दो घटनाओं में जंगल में घुसने पर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई, लेकिन रसूखदार कभी जद में नहीं आए।
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जान-पहचान और जुगाड़ का भी खेल
बताया जाता है कि जान-पहचान और जुगाड़ वालों को भी पीटीआर के महोफ गेट से प्रवेश देने के अलावा चूका बीच तक जाने की छूट दी जाती है। निजी वाहन जंगल में फर्राटा भरते हैं। हालांकि दावा है कि निजी वाहनों को लेकर इस बार पर्यटन सत्र के दौरान सख्ती बरती जा रही है।
एनटीसीए की ये है गाइडलाइन
- टाइगर रिजर्व के पर्यटन स्थल में एनटीसीए की गाइड लाइन की बात करें तो कोर एरिया के 20 फीसदी हिस्से को ही जंगल सफारी के लिए प्रयोग करने की इजाजत है।
- जंगल क्षेत्र में ज्वलनशील और प्लास्टिक पदार्थों के प्रयोग पर पूरी तरह पाबंदी है।
- जंगल सफारी के दौरान वन्यजीव दिखने पर पीछा न करने की ताकीद की गई है।
- वन्यजीव की मौजूदगी वाले स्थान से कम से कम 10 मीटर दूरी पर वाहन को रखने के निर्देश हैं।
- ताकीद है कि 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही वाहन चलाया जाए।
- लाल और नीली बत्ती के अलावा अन्य कोई फ्लैश चीज के इस्तेमाल पर रोक है।
- हूटर, हॉर्न, साउंड आदि न बजाने, वाहनों को काफिले के तौर पर जंगल क्षेत्र में न ले जाने पर भी रोक है।
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जंगल में नियमों का पालन कराने पर जोर दिया जाता है। पूर्व से ही इसपर प्रभावी रूप से अमल कराया जा रहा है। निजी वाहनों पर प्रतिबंध है। पकड़े जाने पर स्थिति के आधार पर जुर्माने की कार्रवाई के साथ चेतावनी भी दी जाती है।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीलीभीत