शहर के मोहल्ला पकडिय़ा स्थित दरगाह मो. अहमद शाह कानपुरी रहमतुल्ला अलैह का सातवां उर्स सात अगस्त को मनाया जाएगा। उर्स के दिन चादरों का जुलूस भी शहर में निकाला जाएगा व उसी दिन देर रात कुल होगा। इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दरगाह के सज्जादा नशीन सैय्यद रफत हुसैन व दरगाह के प्रबंधक हाफिज शहनवाज ने दरगाह पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए इसकी जानकारी दी तथा मो. अहमद शाह कानपुरी के किरदार पर तफ्सील से रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि मो. अहमद कानपुरी का जन्म कानपुर के एक हाफिज घराने में हुआ था। उनकी दीनी तालीम बरेली शरीफ स्थित दरगाह आला हजरत में हुई। जहां उन्हें मुफ्ति-ए-आजम-ए-हिंद ने अपना रुहानी बेटा के खिताब से नवाजा। करीब 50 साल पहले वह दीनी तालीम के विस्तार के सिलसिले में पीलीभीत आए थे। उन्होंने दीन के सिलसिले में तमाम किताबे लिखीं। बुजुर्गी आने पर उन्होंने मोहल्ला पकडिय़ा स्थित नवेद सैफी के घर को अपना आरामगाह बना लिया। 23 अक्तूबर 2008 को रात 12.20 बजे खुदा ने उन्हें इस दुनिया से उठा लिया। तभी से हर साल सात अगस्त को उनका उर्स मनाया जाता है। उनके तमाम अकीदतमंद उनकी दरगाह पर पहुंच कर चादरपोशी करते हैं तथा मन्नते मांगते हैं व दुआए फरमाते हैं।
सज्जादा नशीन ने बताया कि इस बार भी सात अगस्त को बाद नमाज-ए फज्र कुरान ख्वानी के साथ उर्स शुरू होगा। बाद नमाज जोहर चादर पोशी का जुलूुस शहर में निकाला जाएगा। इशा की नमाज के बाद मनकबत व तकरीर का प्रोग्राम होगा। इस प्रोग्राम में मौलाना तनजीम अहमद रजवी, मौलाना सलीम रजा समेत कई मौलाना शिरकत करेंगे। निजामत मुश्ताक नुमानी करेंगे तथा उर्स का समापन मौलाना मुफ्ती हाजी कारी अमानत रसूल कुल के साथ अदा करेंगे। उर्स की व्यवस्था आदि की जिम्मेदारी नवेद सैफी व खुर्शीद अंसारी को दी गई है।
इस मौके पर सभी ने दरगाह पर फातेहा के बाद देश में अमन चैन कायम रखने तथा कौम व मुल्क की तरक्की की दुआ की।