पूरनपुर। शारदा नदी के धनाराघाट के आसपास बाघ की चहलकदमी बुधवार को भी जारी रही। गन्ना की छिलाई कर रहे मजदूरों ने खेत से निकले बाघ को देखकर दौड़ लगा दी। वहीं बाघ ने जंगली पशु को निवाला बना लिया। चलती कार पर भी हमले का प्रयास किया। फिर बाघ खेत में चला गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर खेत को घेरा और सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम पुलिस के साथ पहुंची। पुलिस ने खेत घेर कर खड़े लोगों को हटाया। वन कर्मियों ने बाघ की चहलकदमी पर सतर्क रहने की अपील की।
सोमवार को धनाराघाट के समीप गन्ना के खेत से निकले बाघ ने गांव नहरोसा निवासी कासिम उर्फ कल्लू को उस समय मार डाला था, जब कासिम और उसके साथी बाघ को गन्ना के खेत से निकलते देख भागे थे। बाघ कासिम के शव को गन्ना के खेत में खींच ले गया था। खेत में ट्रैक्टर घुसाकर बमुश्किल कासिम के शव को बाघ से छुड़ाया गया था। बाघ तब से आसपास ही चहलकदमी कर रहा है। मंगलवार को बाघ ने धनाराघाट रोड से निकल रही एक कार पर हमला का प्रयास किया। चालक ने तेजी से कार भगाकर खुद को बचाया। फिर बाघ खेतों में चला गया था। बुधवार को गांव हजारा निवासी गुरदीप के खेत में मजदूर गन्ना की छिलाई कर रहे थे। गन्ना के खेत में ही बाघ छिपा न बैठा हो। इसे लेकर मजदूरों ने पहले शोर-शराबा किया। गन्ना की छिलाई के समय ट्रैक्टर को स्टार्ट रखा गया। इसी दौरान खेत में छिपा बाघ कुछ देर बाद बाहर निकल आया। बाघ को देखकर मजदूरों में भगदड़ मच गई। एकत्र हुए लोगों ने जमकर शोर-शराबा किया और आग जलाई। बाघ फिर गन्ना के खेत में छिप गया। ग्रामीण लाठी डंडों के साथ गन्ना के खेत के पास जमा हुए। सूचना पर संपूर्णानगर रेंज के डिप्टी रेंजर राधेश्याम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम को समीप के गन्ना के खेत में बारह सिंघा का शव मिला। बाघ की चहल कदमी से मजदूर गन्ना की छिलाई करने से कतरा रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारियों ने बाघ की चहल कदमी को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। एसओ हजारा उमेश सोलंकी ने बताया कि बाघ को जंगल में खदेड़ने के प्रयास वन विभाग के कर्मचारी करते रहे। टीम लगा दी गई है।