पीलीभीत। किसान आंदोलन के समर्थन में गणतंत्र दिवस पर सपा नेता व पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ किसान ट्रैक्टर निकाली। प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने असम हाईवे पर बिठौरा टोल प्लाजा के पास सपाइयों को रोक लिया। प्रशासन के विरोध में पूर्व मंत्री कार्यकर्ताओं के साथ वहीं धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इसको लेकर एडीएम और पूर्व मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हुई। करीब दो घंटे हंगामे के बाद अफसरों ने सपाइयों को शहर के बाहरी इलाके से होकर पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के आवास को लौटा दिया गया। इस मामले में गजरौला थाने में पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा और उनके भाई व ब्लॉक प्रमुख अरुण वर्मा समेत 52 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में गणतंत्र दिवस पर सुबह नौ बजे सपा नेता व पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा और उनके भाई व मरौरी ब्लॉक प्रमुख अरुण वर्मा ने अपने गांव टाह पौटा से किसान तिरंगा मार्च निकाला। इसमें शामिल 100-150 सपा कार्यकर्ता ट्रैक्टर, कार और बाइकों पर सवार थे। सभी वाहनों पर तिरंगा लगा था। सपाइयों का मार्च टाह पौटा गांव से रवाना होकर असम हाईवे पहुंचा तो इसका पता लगने पर प्रशासन में खलबली मच गई। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अतुल सिंह, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एसडीएम योगेश कुमार, सीओ सिटी वीरेंद्र विक्रम पुलिस बल के साथ असम हाईवे बिठौराकलां गांव के पास स्थित टोल प्लाजा जा पहुंचे ट्रक लगाकर रास्ता रोक दिया। इसके कुछ देर बाद पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा सपाइयों के साथ वहां पहुंच गए, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया। एडीएम ने बगैर अनुमति के आगे न जाने से साफ इनकार कर दिया। इससे काफी देर तक पूर्व मंत्री और एडीएम के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। आखिर में वहीं से शहर के बाहर हाईवे पर होकर सपाइयों के वापस लौटने पर सहमति बनी। इसके बाद तिरंगा मार्च शहर के बाहरी इलाके से होकर पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के आवास लौटकर खत्म हो गई।
उधर, देर शाम इस मामले में अधिकारियों के निर्देश पर गजरौला थाने में इंस्पेेक्टर जेपी सिंह की ओर से 52 लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इनमें पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, उनके भाई व ब्लॉक प्रमुख अरुण वर्मा, पूरनलाल, गोकुल सागर, रहीसुल हुसैन, दीपक वर्मा, हरीश वर्मा, मंगलजीत सरदार, सरजीत सिंह उर्फ पप्पू, रवि रस्तोगी, राजू वर्मा, प्रेम शंकर को नामजद किया गया है।
पूर्व मंत्री के तुम बोलने पर गुस्साए एडीएम
असम हाईवे बिठौरा टोल प्लाजा के पास अफसरों ने पूर्व मंत्री से बातचीत कर सपाइयों को लौटाने का प्रयास किया। अफसरों ने बिना अनुमति के किसान ट्रैक्टर तिरंगा मार्च निकालने की बात कही। मगर अफसरों की पूर्व मंत्री ने एक नहीं सुनी। इससे धीरे-धीरे माहौल गर्मा गया था। दोनों पक्षों के बीच तल्खी बढ़ती गई। बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री ने एडीएम को तुम कहकर संबोधित कर दिया, जो एडीएम को बुरा लगा। एडीएम के विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच बीच बातचीत नोकझोंक में बदल गई। फिर एडीएम और पूर्व मंत्री के बीच कई बातों को लेकर बहस होती रही। इसी बीच एक कार्यकर्ता ने जाति विशेष को लेकर टिप्पणी कर दी। इसको लेकर भी मौके पर मौजूद अफसरों से नोकझोंक हुई। करीब दो घंटे तक चली बहस के बावजूद पूर्व मंत्री वापस जाने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने इतना जरूर कहा कि तिरंगा मार्च लेकर शहर के भीतर नहीं जाएंगे। इस बीच बिठौरा टोल प्लाजा पुलिस छावनी में बदल गया। इसके बाद बाद हाईवे से शहर के बाहर होकर सपाइयों को भेजा गया। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। इसके कुछ देर बाद अफसरों और पूर्व मंत्री के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। पूर्व मंत्री ने अपने फेसबुक एकाउंट पर इसे अपलोड किया।
न्यूरिया व बिलसंडा में भी निकाली ट्रैक्टर रैली, अफसरों ने रोका
बिलसंडा/ न्यूरिया। न्यूरिया और बिलसंडा में भी सपाइयों ने किसान ट्रैक्टर तिरंगा रैली निकाली गई। मगर सपाइयों को अफसरों ने ज्यादा दूर तक नहीं जाने दिया और रास्ते में रोक दिया।
बिलसंडा में समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश सचिव विक्रम गंगवार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम सिंह, वीरेंद्र सिंह यादव की अगुवाई में 50 से अधिक सपाई किसान ट्रैक्टरन तिरंगा मार्च में ट्रैक्टर समेत शामिल रहे। घुंघचुईया-भीकमपुर मार्ग से तिरंगा मार्च की शुरूआत की गई। इसके बाद मार्च नऊआ नगला, करनईया, आजमपुर बरखेडा, ईटगांव पहुंचा। जहां बिलसुंडा इंस्पेक्टर विरजाराम ने सपाइयों को रोक लिया। कुछ ही देर में वहां एसडीएम राकेश गुप्ता, सीओ लल्लन सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच और सपा नेताओं से बातचीत की। करीब आधे घंटे तक बहस के बाद अफसरों ने सपाइयों को वापस लौटा दिया।
इसकेे अलावा न्यूरिया कस्बे में किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली। इसकी सूचना मिलने पर थाने से कुछ दूरी पर पुलिस ने सपाइयों को रोक लिया। बिना अनुमति ट्रैक्टर तिरंगा मार्च निकालने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। कुछ देर बातचीत के बाद किसान लौट गए।
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62 दिनों से किसान दिल्ली में धरना दे रहे हैं। अब तक सरकार उनकी समस्या का समाधान नहीं कर सकी। दिल्ली आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रीय आह्वान पर यहां भी किसान ट्रैक्टर तिरंगा मार्च निकाला गया। गाड़ियों पर पार्टी को झंडा नहीं लगाया। कहीं कोई जाम भी नहीं लगाया गया। प्रशासन ने हमें रोकने को सड़क पर ट्रक खड़े कर दिए। भाजपा सरकार में लोकतंत्र का मजाक बनाया गया है।
- हेमराज वर्मा, पूर्व मंत्री सपा
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सपा नेताओं को ट्रैक्टर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्हें रोका गया तो रोड जाम कर दिया। समझाने पर भी नहीं माने और भिड़ने लगे। बिना अनुमति जुलूस निकालने और जाम लगाने पर गजरौला थाने में पूर्व मंत्री समेत 12 नामजद और 40 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
- जयप्रकाश, एसपी