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लक्ष्य से पार पहुंच गई धान खरीद, 65500 किसानों ने बेचा 33.8 लाख क्विंटल धान

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पीलीभीत। तमाम उतार-चढ़ाव के बीच आखिरकार धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो गया। खरीद लक्ष्य से अधिक हो चुकी है और अंतिम चरण में है। ऐसे में संचालित हो रहे 16 में से दस और क्रय केंद्र बंद करने की तैयारी है। फिलहाल खरीद में हुई गड़बड़ी पकड़ने के लिए सत्यापन कार्य तेज कर दिया है।
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एक अक्तूबर 2020 से जनपद में धान खरीद शुरू हुई थी। पहले खरीद संपन्न कराने के लिए 165 क्रय केंद्र बनाए गए थे। तीन दिन तक खरीद की शुरूआत तक नहीं हो सकी थी। बाद में धीरे-धीरे किसान क्रय केंद्रों पर पहुंचना शुरू हुए थे। मगर पंजीकरण न होने के नाम पर उन्हें केंद्रों से टरकाया जाने लगा था। किसान मजबूरन क्रय केंद्रों के बजाय आढ़ती और राइस मिल मालिकों को कम दाम में धान बेचने को मजबूर हो गए थे। फिर डीएम पुलकित खरे ने औचक निरीक्षण कर गड़बड़ी पकड़ी और अधिकारियों पर सख्ती की। खरीद पारदर्शिता से संपन्न कराने को अधिकारियों की मंडियों में ड्यूटी तय कर दी गई थी। दर्जनों बिचौलिये गिरफ्तार कर जेल भेजे गए। क्रय केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई की गई। एजेंसियां तमाम कारण गिनाकर खरीद से पीछे हट गई। केंद्र घटकर 115, फिर 95 हुए। इसी तरह से घटते चले गए। वहीं ग्रामीण इलाकों के सेंटरों पर खेल होने लगा था। इस पर सौ क्विंटल से अधिक धान बेचने वालों का सत्यापन शुरू करा दिया गया। क्रय केंद्र प्रभारी पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उतार को लेकर भी समस्या बनी रही। इन तमाम उतार-चढ़ाव के बीच अब लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। जिले को साढ़े 32 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला था, अभी तक 33.8 लाख क्विंटल धान की खरीद कर ली गई है। यह धान पंजीकृत 65500 किसानों से खरीदा गया है। धान भी लगभग खत्म हो चुका है। खरीद 31 जनवरी तक चलेगी। वर्तमान में 16 क्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। मगर धान की कम आवक को देखते हुए इसमें से भी दस को बंद करने की तैयारी चल रही है। जल्द ही इन्हें भी बंद कर दिया जाएगा। मंडियों में छह सेंटर खरीद को खुले रहेंगेे।
धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो चुका है। इससे अधिक खरीद अभी तक की जा चुकी है। सोलह में से दस और क्रय केंद्र बंद करने पर कार्रवाई चल रही है। जल्द इन्हें बंद कर दिया जाएगा। छह केंद्र बाकी रहेंगे। गड़बड़ी पकड़ने को सत्यापन जारी रहेगा। - डॉ.अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
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