पीलीभीत के ऐसे किसानों के लिए खुशखबरी जो आर्गेनिक खेती करते हैं। उनके उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए जिला का पहला एफपीओ ‘ऑर्गेनिक हब’ शुरू होने जा रहा है। किसान सीधे उपभोक्ताओं को अपने उत्पाद बेच सकेंगे। शुरूआत में जिले के तीन किसान उत्पादक संगठन ( एफपीओ) को इससे जोड़ा जा रहा है। उसके बाद अन्य एफपीओ को इससे जोड़ा जाएगा।
सरकार ऑर्गेनिक खेती को लगातार बढ़ावा दे रही है। पर्यावरण के साथ लोगों की सेहत के लिए ऑर्गेनिक उत्पाद काफी लाभदायक होते हैं। जिले में कई एफपीओ ऑर्गेनिक उत्पाद भी तैयार कर रहे हैं,लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी दिक्कत आती है उत्पादों की बिक्री की। किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए दिल्ली तक की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे उनके उत्पाद की लागत भी बढ़ जाती है और उनको मुनाफा कम हो जाता है।
सदर तहसील परिसर में रविवार को पीलीभीत एफपीओ ऑर्गेनिक हब की शुरूआत होने जा रही है। कृषि विभाग के सहयोग से इसकी शुरूआत होगी जो जिले का पहला ऑर्गेनिक हब होगा। यहां एफपीओ अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों को बेच सकेंगे। सेवा एफपीओ, तराई एफपीओ और मरौरी ब्लॉक का लैमबर्ड एफपीओ इससे जोड़ा गया है। हालांकि जिले में सात सर्टिफाइड एफपीओ हैं। हब शुरू होने के बाद इनकी संख्या भी बढ़ सकती है। इस हब के माध्यम से ऑर्गेनिक रूप से तैयार दाल, मशरूम, आटा, चावल, सब्जियां जैसे तमाम उत्पादों की बिक्री होगी।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
सेवा एफपीओ के अध्यक्ष पुष्पजीत सिंह बताते हैं कि एफपीओ ऑर्गेनिक हब बनने से जिले के किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। वह अपने उत्पाद यहां रिटेल कर सकेंगे। अभी हम लोगों को उत्पाद की बिक्री करने में काफी दिक्कतें पेश आती थी। जिले के लोगों को भी फायदा मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण के साथ ऑर्गेनिक उत्पादों की खेती को बढ़ावा मिलेगा।
सदर तहसील में जिले का पहला एफपीओ ऑर्गेनिक हब शुरू होने जा रहा है। यहां से सर्टिफाइड एफपीओ अपने ऑर्गेनिक उत्पाद सीधे रिटेल कर सकेंगे। अभी तीन एफपीओ को इससे जोड़ा गया है। रविवार को इसका शुभारंभ किया जाएगा।
-विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी