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गन्ना कटौती के विरोध में केंद्रों के प्रभारी धरने पर बैठे

Sat, 21 Mar 2015 07:50 PM IST
पूरनपुर।
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 सहकारी चीनी मिल में गन्ना क्रय केंद्रों से आने वाले गन्ने में कटौती किए जाने पर केन्द्रों के प्रभारी भड़क गए और तौल बंद कर चीनी मिल के बाहर मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गए। मिल के प्रधान प्रबंधक के आश्वासन पर कर्मचारी शांत हुए। इससे अधिकांश सेंटरों पर दोपहर बाद तक गन्ना की तौल ठप रही।  
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गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना की कटौती से किसान परेशान हैं। वहीं क्रय केंद्र से आने वाले गन्ना में चीनी मिल में कटौती होने से केंद्र प्रभारी भी परेशान थे। केंद्र प्रभारियों का कहना था कि चीनी मिल प्रति वाहन पर 15 से 20 क्विंटल तक गन्ने की कटौती करती है। इससे नाराज तमाम सेंटर इंचार्ज शनिवार को मिल के समीप मंदिर परिसर मेें एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए।
उनका कहना था कि क्रय केंद्रों पर सूख आदि के नाम पर किसान गन्ना नहीं देना चाहते। मिल प्रशासन की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था ठीक नहीं है। जिससे क्रय केंद्रों पर तौल हुआ गन्ना कई दिनों तक पडे़ रहने के कारण सूखता है। इसके बदले उनसे प्रति वाहन 15 से 20 क्विंटल गन्ना की कटौती की जाती है। इसे अब बर्दास्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने एक संविदा लिपिक और एक चतुर्थश्रेणी कर्मचारी पर शोषण करने का आरोप लगाया।
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धरना स्थल पर पहुंचे प्रधान प्रबंधक ओपी राय के गन्ना कटौती न होने के आश्वासन दिया। इस पर क्रय केंद्र प्रभारी शांत हुए। धरना देने वालोें में शिववीर सिंह, त्रिलोकनाथ तिवारी, रामसनेही वर्मा, राजकुमार, रामेश्वर दयाल, गिरीश गुप्ता, प्रेम प्रकाश मिश्रा, हरीओम मिश्रा, शकील मियां, सर्वजीत सिंह, प्रीतम सिंह, नागेंद्र सिंह, उमाशंकर मल्ला, वीरपाल गंगवार आदि थे।

केन्द्र प्रभारियों को कई बार सूखा और खराब गन्ना न खरीदने की हिदायत दी जा चुकी है, लेकिन कुछ सेंटर इंचार्ज खराब गन्ना खरीद लेते हैं। इससे चीनी मिल की रिकवरी पर फर्क पड़ता है। क्रय केंद्र प्रभारियों ने धरना नहीं दिया। कुछ समस्याएं थी। वार्ता कर उनका समाधान कराने का आश्वासन दिया गया है।
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- ओपी राय, प्रधान प्रबंधक सहकारी चीनी मिल।
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