शिक्षकों और शैक्षिक गुणवत्ता की कमी आ रही आड़े
30 फीसदी बच्चों को ही मिल सकी यूनिफार्म
कक्षा सात के बच्चे बिना किताब ही पढ़ने को मजबूर
भले ही फटे पुराने कपड़ों में लिपटे, हाथ में झोला लेकर स्कूल जाने वाले बच्चों की तस्वीर अब पुरानी पड़ गई हो, उसकी जगह यूनिफार्म पहनकर मिड-डे मील की आस में स्कूल जाते बच्चों ने ले ली हो, लेकिन जिले के 1802 परिषदीय स्कूलों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। परिषदीय स्कूल खुले पखवाड़ा भर बीत चुका है, लेकिन अभी तक यूनिफार्म और नि:शुल्क ड्रेस वितरण आधा भी नहीं हो सका। इसमें शिक्षकों की कमी और शैक्षिक गुणवत्ता की कमी भी खासी आड़े आ रही है।
जिले में 1231 प्राथमिक और 571 उच्च प्राथमिक विद्यालय है। वर्तमान में इन स्कूलों में करीब 1.85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय स्कूलों में एक अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र की शुरूआत हो चुकी है। इन स्कूलों में बच्चे के शत प्रतिशत नामांकन को एक जुलाई से 31 जुलाई तक स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। नवीन प्रवेश के आंकड़ों पर गौर करें तो एक जुलाई से अब तक प्राथमिक विद्यालयों में 8569 बच्चों और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 4296 बच्चों को एडमिशन किए जा चुके हैं।
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शिक्षकों की कमी से जूझ रहा महकमा
लगातार कई शिक्षक भर्तियों के बाद भी महकमा शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। दो दिन पूर्व हुए समायोजन के बाद भी जिले में छह एकल विद्यालय हैं, जहां मात्र एक शिक्षक के सहारे ही स्कूल चलाया जा रहा है। महकमे के आंकड़ों के मुताबिक प्राथमिक स्कूल में 1230 हेडमास्टरों के सृजित पदों के सापेक्ष मात्र 556 हेडमास्टर और 3365 शिक्षकों के सापेक्ष 3069 शिक्षक तैनात है। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 571 हेडमास्टरों के सापेक्ष 234 हेडमास्टर और 1443 शिक्षकों के सापेक्ष 1321 शिक्षक कार्यरत है। ऐसे में स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सका है।
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32 फीसदी ही हो सका किताबों का वितरण
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें बांटी जाती है। अमूमन हर साल की अपेक्षा इस साल जुलाई से ही किताबें बंटना शुरू हो चुकी है। जिले में 11,56,719 पुस्तकों की डिमांड है। इसमें 3,66,005 पुस्तकें प्राप्त हो चुकी है। जिसमें 217527 पुस्तकें बांटी जाती है। खास बात यह है कि कक्षा सात की अब तक कोई किताब ही नहीं आ सकी है।
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70 प्रतिशत बच्चे यूनिफार्म के इंतजार में
शासन ने 15 जुलाई तक नि:शुल्क यूनिफार्म वितरण करने के आदेश दिए थे, लेकिन अपने जिले में अब तक मात्र 30 प्रतिशत यूनिफार्म बांटी जा सकी है। जिले के 1,63,403 बच्चों को यूनिफार्म बांटी जानी है। विभाग के मुताबिक पहले की अपेक्षा इस बार जल्द यूनिफार्म का वितरण किया जा रहा है।
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कार्रवाई के बाद भी लापरवाह बने शिक्षक
परिषदीय स्कूलों पर डीएम शीतल वर्मा की पैनी निगाह है। महकमे के अधिकारियों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर स्कूलों की चेकिंग कराई जा रही है। इसके बावजूद स्कूलों से शिक्षक नदारद मिल रहे हैं। एक जुलाई से अब तक दस से अधिक शिक्षक और एक अनुदेशक के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। जबकि डीएम के निर्देश पर हुए निरीक्षण में नदारद मिले सात हेडमास्टरों पर निलंबन, 22 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी गई है।
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शासन की मंशा के अनुरूप परिषदीय स्कूलों की व्यवस्थाओं पर तेजी से सुधार हो रहा है। इस शैक्षिक सत्र में जुलाई से ही निशुल्क यूनिफार्म और पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू किया चुका है। स्कूलों की चेकिंग भी की जा रही है। शैक्षिक स्तर में सुधार हो, इसको लेकर एकल विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती की जा रही है।
- डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए