सपा सरकार में भी एशिया के सबसे बड़े पूरनपुर विकासखंड को विभाजित माधोटांडा को नया ब्लाक बनाने की सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की घोषणा फाइलों में कैद होकर रह गई। जिसके चलते समूचा तराई विकास के मामले में फिसड्डी होता नजर आ रहा है।
जनपद का पूरनपुर विकासखंड एशिया का सबसे बड़ा विकासखंड माना जाता है। शाहजहांपुर के 94 गांवों को पीलीभीत तहसील में जोड़ देने से इसमें और बढ़ोतरी हो गई थी। साथ ही बड़ा ब्लाक होने के चलते तमाम विकास योजनाएं पूरी तरह से बजट न मिलने व लंबा क्षेत्र होने के चलते सही ढंग से क्रियान्वित नहीं हो पा रही थीं।
सपा के पूर्व कार्यकाल में सपा मुखिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए माधोटांडा को नया ब्लाक बनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद शासन के निर्देश पर भूमि का प्रस्ताव, सरकारी मूल्यांकन, नजरी नक्शा व परिसीमन रिपोर्ट मांगी गई थी। 28 फरवरी 2006 को कस्बे की बेशकीमती गाटा संख्या 747 में स्थित रकवा 7.35 एकड़ में से दो एकड़ भूमि पूर्व प्रधान रामऔतार ने प्रस्ताव भेजा था। इससे पूर्व वर्ष 1997 में भी जब शासन ने प्रस्ताव मांगा तो तत्कालीन डीएम अजय चौहान ने पांच मार्च 1997 को एक प्रस्ताव शासन को भेजा था।
तत्कालीन निदेशक क्षेत्र सुधार डॉ. एमएल मिश्रा ने भी माधोटांडा ब्लाक में 54 ग्राम पंचायतें शामिल करते हुए 125 राजस्व गांव व मजरों की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। उस समय भी नजरी नक्शा व भूमि की मूल्यांकन रिपोर्ट भेजी गई थी। मात्र भवन निर्माण के लिए बजट आवंटित होना शेष था। उस समय पूर्व ब्लाक प्रमुख नवीन सिंह व पूर्व प्रधान रामऔतार ने दौड़ भाग कर फाइल कहां पर अटकी है इसका पता लगाया था। रामऔतार के मुताबिक फाइल शासन के ग्राम अनुभाग दो में अटकी पड़ी है। जिसको निकलवाने के लिए दो बार विधायक पीतमराम का भी सहारा लिया गया। इधर चार दशक से माधोेटांडा ब्लाक बनवाने की जोर आजमाइश चल रही है। फाइलें शासन की अलमारियों में कैद हैं और क्षेत्र विकास के मामले में काफी पिछड़ता जा रहा है।
हर हाल में कराएंगे
नए ब्लाक की घोषणा
माधोटांडा में ब्लाक के लिए प्रयासरत है। ग्राम प्रधान से जमीन फिर से तलाशने को कहा है। चुनाव से पूर्व हर हाल में मुख्यमंत्री से मिलकर ब्लाक की घोषणा कराएंगे। ताकि पूरनपुर विकासखंड में बड़ा ब्लाक होने के चलते विकास योजनाएं प्रभावित न हो सके।
- पीतमराम, विधायक