पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच की आंच अन्य पर भी आने लगी है। इस घोटाले में चपरासी इल्हाम शम्सी ने कार्यालय के जिस लिपिक की आईडी का प्रयोग किया था। संयुक्त शिक्षा निदेशक राकेश सिंह ने उस लिपिक विमल कुमार को निलंबित कर दिया है। मामले में शासन स्तर की टीम जांच कर रही है। इसमें कई अन्य पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
बीसलपुर के जनता इंटर काॅलेज में चपरासी पद पर तैनात इल्हाम शम्सी ने वर्ष 2015 में डीआईओएस कार्यालय में संबद्ध होने के बाद अपनी जड़े मजबूत की और वर्ष 2019 में सरकारी धनराशि को ठिकाने लगाना शुरू किया था। पिछले माह घोटाला तब खुला जब इल्हाम ने अपनी पत्नी अर्शी खातून के खाते में एक करोड़ रुपये की धनराशि का ट्रांजेक्शन किया।
बैंक की रिपोर्ट पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने जांच बैठाई तो चौकाने वाले खुलासे हुए। सामने आया कि कुल 98 ट्रांजेक्शन के माध्यम से यह धनराशि खाते में भेजी गई थी। डीएम की सख्ती के बाद डीआईओएस ने इल्हाम शम्सी को निलंबित किया और उसके व उसकी पत्नी अर्शी खातून के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच में सामने आया था कि इल्हाम ने विभाग की कई मदों की धनराशि को खातों में भेजा। इसमें वेतन बिल से संबंधित धनराशि भी शामिल थी। वेतन बिल पटल का जिम्मा कार्यालय के लिपिक विमल कुमार के पास था। इल्हाम बेरोकटोक लिपिक की आईडी का प्रयोग कर करोड़ों की धनराशि ठिकाने लगाता रहा। इधर, मामला शासन स्तर तक पहुंचा तो सोमवार शाम संयुक्त शिक्षा निदेशक बरेली ने आरोपी लिपिक विमल को निलंबित कर दिया। जबकि मामले की जांच जारी है। विमल कुमार डीआईओएस कार्यालय में 2022 से तैनात है।