बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अब वार्षिक परीक्षा के दौरान प्रश्रपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं मिल सकेंगी। शासन ने इसको लेकर 25.25 लाख रुपये की धनराशि भेजी है।
राज्य सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता के मूल्यांकन के लिए पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की परीक्षाएं लेने का फैसला किया है। पिछले चार साल से इन विद्यार्थियों की परीक्षा नहीं ली जा रही थीं। सचिव बेसिक शिक्षा आशीष गोयल ने आठवीं तक की परीक्षाएं 14 मार्च से 21 मार्च के बीच कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए को भेजे आदेश में कहा गया है कि कक्षा एक के बच्चों की केवल मौखिक परीक्षा कराई जाएगी। प्रश्रपत्रों की प्रिंटिंग जिलास्तर पर और उत्तर पुस्तिकाओं की व्यवस्था विद्यालय प्रबंध समिति स्तर पर कराई जाए। शासन ने वार्षिक परीक्षाएं संपन्न कराने को 25.25 लाख की धनराशि भी उपलब्ध करा दी है।
डायट प्राचार्य में निगरानी में रखे जाएंगे प्रश्रपत्र
सचिव बेसिक शिक्षा ने प्रश्रपत्रों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्राचार्य की निगरानी में रखने के निर्देश दिए हैं। यह प्रश्रपत्र परीक्षा से तीन दिन पहले डायट प्राचार्य संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को उनके क्षेत्र में स्थित सभी परिषदीय विद्यालयों के लिए प्रश्रपत्रों के सीलबंद पैकेट उपलब्ध कराएंगे। वह प्रश्नपत्र परीक्षा से करीब एक घंटा पूर्व प्रधानाध्यापक, एक शिक्षक और दो प्रबंध समिति सदस्यों की देखरेख में खोलेंगे।
सचल दस्ते करेंगे निगरानी
परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा की शुचिता बरकरार रखने को सचल दस्ते निगरानी करेंगे। डीएम की देखरेख में सचल दस्तों का गठन किया जाएगा। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग के अलावा अन्य महकमों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं संपन्न कराने को मिली धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। सर्कुलर के अनुसार ही वार्षिक परीक्षाएं कराई जाएंगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी जा चुकी है।
- अंबरीष कुमार यादव, बीएसए