क्लीनिंग के बाद पेराई को शुरू की गई चीनी मिल खराबी को लेकर फिर बंद हो गई। चीनी मिल बंद होने से गन्ना की तौल बंद कर दी गई। इससे गन्ना से भरे वाहनों की लंबी लाइनें चीनी मिल परिसर के बाहर तक लग गई। खराबी से जूझ रही दि किसान सहकारी चीनी को दूसरी क्लीनिंग के लिए शुक्रवार शाम को 32 घंटे के लिए बंद किया गया था। 19 फरवरी रात दो बजे क्लीनिंग के बाद चीनी मिल चलाया जाना था। मिल निर्धारित समय पर नहीं चल सकी। सुबह को चलाई गई चीनी मिल मात्र कुछ देर चलने के बाद चीनी मिल खराबी के चलते बंद हो गई। मिल को रविवार सुबह दस बजे फिर चलाया गया, लेकिन मात्र कुछ देर चलकर फिर बंद हो गई। तब किसानों को शाम पांच बजे चीनी मिल चलाने की जानकारी दी गई। रविवार शाम छह बजे तक चीनी मिल को नहीं चालू किया जा सका था। उधर, क्लीनिंग के बाद 18 फरवरी को गन्ना क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गन्ना और रविवार को चीनी मिल गेट पर शुरू हुई गन्ना की तौल को लेकर गन्ना लेकर तमाम किसान चीनी मिल पहुंचे। मिल खराबी को लेकर गन्ना तौल भी बंद कर दी गई। इससे गन्ना से भरे वाहनों की लंबी लाइनें चीनी के बाहर आसाम हाइवे तक लग गई। खराबी को लेकर चीनी मिल के बंद होने पर भाकियू नेता मंजीत सिंह ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि खराबी से जूझ रही चीनी मिल को क्लीनिंग के लिए अचानक बंद करने का निर्णय मिल अफसरों ने लिया था। क्लीनिंग के बाद खराबी से चीनी मिल फिर बंद हुई है। शीघ्र ही हालात में सुधार न होने पर चीनी मिल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन होगा।