केबिल कनेक्शन धारकों को सेटटॉप बाक्स लगाने की अनिवार्यता के बाद केबिल कारोबार प्रभावित होने लगा है, साथ ही मनोरंजन कर विभाग की आमदनी भी प्रभावित हुई है। टैक्स में लगभग 50 हजार रुपये प्रति माह की गिरावट दर्ज की गई है।
केबिल आपरेटरों के माध्यम से अब तक केबिल उपभोक्ता सीधे कनेक्शन लेकर विभिन्न चैनल देखते थे, लेकिन पिछले दिनों से सरकार ने इसमें हो रही कर चोरी रोकने के उद्देश्य से सेटटॉप बाक्स लगाने की अनिवार्यता सख्ती से लागू कर दी, जो पहली जनवरी से लागू है। इसके लिए जिले में दो केबिल आपरेटरों क्रमश: डेन और सिटी केबिल को अधिकृत किया गया है। दोनों केबिल आपरेटरों के माध्यम से शहर में सेटटॉप बाक्स लगाने का काम शुरू किया गया, लेकिन लगभग इसी कीमत में बाजार में विभिन्न कंपनियों के डीटीएच उपलब्ध होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने केबिल कनेक्शन छोड़ अपना खुद का डिश एंटीना लगवा लिया। इससे केबिल उपभोक्ताओं की संख्या काफी घटी है। आंकड़ों की बात करें तो शहर में करीब 65 सौ केबिल कनेक्शन पंजीकृत थे। इनमें से अभी मात्र 38 सौ ने ही सेटटॉप बाक्स लगाए हैं। हालांकि आपरेटरों का कहना है कि फरवरी-मार्च में परीक्षाओं के चलते उपभोक्ताओं ने सेटटॉप बाक्स नहीं लगवाया था। अप्रैल में इसमें काफी बढ़ोत्तरी हो रही है।
विभाग की घटी आमदनी
सेटटॉप बॉक्स की अनिवार्यता पहली जनवरी से लागू हुई है। इससे पूर्व दिसंबर तक जिले में केबिल आपरेटरों से मनोरंजन टैक्स के रूप में लगभग 1.50 लाख रुपये की धनराशि जमा होती थी, लेकिन जनवरी और फरवरी में यह टैक्स घटकर मात्र एक लाख रुपये के लगभग रह गया।
सेटटॉप बॉक्स लगने से मनोरंजन टैक्स में भले ही गिरावट आई है, लेकिन निकट भविष्य में इसमें बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। अप्रैल में सेटटॉप बॉक्स लगने में तेजी आई है। स्थिति जल्द ही पहले से बेहतर होगी।
- आनन्द कुमार गौतम, मनोरंजन कर अधिकारी