वार्षिक चुनावों की मांग को लेकर सेंट्रल बार के सदस्यों ने कचहरी परिसर में एक दिन का सांकेतिक धरना दिया। इधर अध्यक्ष ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पहले से ही घोषित है।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के सदस्यों ने वार्षिक चुनाव कराने की मांग को लेकर कचहरी में धरना दिया। धरने पर जिला फोरम के पूर्व सदस्य बिजेंद्र सक्सेना, शिव शर्मा, सुनील सक्सेना, कुंवरजीत सोनू, पलविंदर सिंह गिल, अशोक कुमार भारती बैठे। पूर्व अध्यक्ष एसआर राठौर, बीएस चीमा, क्षितिज सक्सेना, शौकत अली और जीएस मोहन ने इन अधिवक्ताओं को माला पहनाकर धरने पर बैठाया। धरनास्थल पर अधिवक्ताओं ने कहा कि वार्षिक चुनाव 2013 में हुए थे। वर्ष 2014 में चुनाव नहीं कराए गए और अब 2015 में भी चुनाव न कराने की मंशा है। धरने पर बैठने वाले अधिवक्ताओं के समर्थन में महावीर सिंह गिल, दिनेश गुप्ता, पवन वर्मा, देवेंद्र वर्मा, विकास शर्मा, जराफत अली, हरीश गंगवार, हरीओम माथुर, आशीष कुमार, मान सिंह, जीवी कश्यप, मनोज तोमर, मनोज सक्सेना, मदन कश्यप, राजीव सक्सेना, वीरेंद्रपाल सिंह, समीर कौशल, नसीम खां, आनंद पांडेय, इमरान खां, असलम मियां, वीके सिंह भी धरनास्थल पर मौजूद रहे।
इधर सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित मिश्रा का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया पहले से ही शुरू है। पहली अगस्त को चुनावी बैठक बुलाई गई है। अगस्त महीने में चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अधिवक्ताओं को धरने पर बैठने की कोई जरूरत नहीं है। बार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन हो रहा है।