पीलीभीत। यूरिया मिलाकर शराब तैयार करने वाले दो दोषियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला छह वर्ष पुराना है। पुलिस ने मिलावटी शराब के साथ शराब बनाने के उपकरण बरामद किए थे। एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया था। दूसरा आरोपी सगा भाई मौके से भाग गया था। बाद में अदालत में हाजिर हुआ था।
थाना न्यूरिया क्षेत्र गांव ऐंठपुर में अवैध तरीके से शराब बनाई जा रही थी। पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो 17 जुलाई 2016 को छापा मारा। पुलिस को अवैध तरीके शराब बनाकर बेचने का पूरा कारोबार सामने आया। यूरिया मिलाकर शराब बनाई जा रही थी। मौके पर गड्ढा था और आग जलाकर लोहे के ड्रम में शराब उतारी जा रही थी। लहन पड़ा हुआ था। पुलिस ने सामान और शराब बरामद की। मौके से ऐंठपुर निवासी नन्हेलाल को गिरफ्तार किया गया। सगा भाई हीरालाल भाग गया। दोनों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट दाखिल के होने जब पुलिस का दबाव बना तो हीरालाल अदालत में हाजिर हुआ। दोनों आरोपी जेल में रहे। दोनों जमानत पर थे। सजा के बिंदु पर शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन में सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) नरेंद्र कुमार गंगवार ने पैरवी की। कई गवाह न्यायालय में पेश किए गए, जिन्होंने आरोपियों के खिलाफ गवाही दी। न्यायाधीश छांगुर राम ने दोनों पक्षों को सुना और इसके बाद दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15000 रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।