पीलीभीत। खाद्य सामग्री में मिलावट पाए जाने पर एडीएम प्रशासन कोर्ट ने मिलावटखोरों पर 4.80 लाख का जुर्माना लगाया है। वहीं बरेली की एक कंपनी पर भी 1.25 लाख का जुर्माना डाला है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य सामग्री के कई नमूने लिए थे, जिसमें नौ नमूने अधोमानक और अवमानक पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। जुर्माने की राशि निर्धारित समय में जमा नहीं करने पर जेल भी भेजा जा सकता है।
एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) की तमाम सख्ती के बाद मिलावटखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है। शहर में चल रहे मिलावटखोरी के खेल को उजागर करते हुए अमर उजाला एक पखवाड़ा से प्रकाशित कर रहा है। जिसका असर अब देखने को मिला। एफएसडीए टीम ने जिले की आठ दुकानों से दूध, बेसन, मावा, मिठाई समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। जांच में नौ सैंपल अधोमानक और अवमानक पाए गए। विभाग द्वारा सक्षम न्यायालय में परिवाद दायर किए गए। एफएसडीए विभाग के मुताबिक शहर के पुरानागंज स्थित सुशील अग्रवाल के प्रतिष्ठान से दूध का नमूना लिया गया। नमूना जांच में अवमानक पाए जाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। बीसलपुर के मेाहल्ला बख्तावर लाल में महेश कुमार की दुकान से बेसन का नमूना लिया गया था। जांच में बेसन में मटर की मिलावट पाई गई। इस मामले में एक लाख का जुर्माना डाला गया है। इसी क्षेत्र के नागेंद्र मोहन की दुकान से लिए गए नमूने का मावा मावा अधोमानक पाए जाने पर 25000 रुपये का जुर्माना डाला गया है।
बीसलपुर में अजय स्वीट्स दुकान से बालूशाही का नमूना लिया गया था। जांच में नमूना अवमानक पाया गया। इसमें अजय कुमार और अर्जुन गुप्ता पर क्रमश: 10,000 और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। माधोटांडा रोड स्थित देवीपुरा में रामदुलारे की दुकान से सरसों के तेल का लिया गया नमूना अवमानक पाए जाने पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पूरनपुर क्षेत्र के गांव लोधीपुर में अब्दुल रहीम की दुकान से बेसन का नमूना लिया गया। जांच में नमूना अवमानक पाते हुए 25,000 रुपये का जुर्माना डाला गया। वहीं शहर में मंशाराम स्वीट्स दुकान से छेना, चमचम और घी का नमूना लिया गया था। सभी नमूने फेल पाए जाने पर 2.75 लाख रुपये का जुर्माना डाला गया। इसके साथ ही घी सप्लाई करने वाली हजियापुर (बरेली) की एक कंपनी पर भी 1.25 लाख का जुर्माना लगाया गया।
खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन सख्त है। मिलावट करने वालों पर सख्त सजा और जुर्माना की सजा से दंडित करने का प्रावधान है। -शशांक त्रिपाठी, अभिहीत अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन