बेहतर भविष्य के लिए जैविक खेती अपनाए
रासायनिक खाद के प्रयोग से अन्न के साथ भूमिजल भी जहरीला हो रहा है। इसके चलते कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां बढ़ रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए हमें खेती में रासायनिक खाद का प्रयोग छोड़कर जैविक खेती अपनानी होगी। यह विचार केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कृषि मेले का शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। कृषि विभाग की ओर से रामलीला मैदान में तीन दिवसीय मंडल स्तरीय कृषि मेले का आयोजित किया गया। सुबह केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने इसका शुभारंभ किया। स्टालों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि गन्ना, गेहूं और धान की परंपरागत खेती को छोड़ मेंहदी, औषधीय फसलों, सेव एवं फूलों की खेती अपनाने पर जोर दिया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों का उत्पादन बढ़ना चाहिए लेकिन इसके लिए रासायिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग ठीक नहीं है। इस मौके पर आईवीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र गौड़, डॉ. एम पात्रा, डॉ. के. महेंद्रन, कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका, डॉ. रीना सेठी, डॉ. एनसी त्रिपाठी, डॉ. मोहसिन ने किसानों को खेती एवं पशुओं संबंधी जानकारी दी। इस मौके पर पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, डीएम मासूम अली सरवर, एडीएम अजयकांत सैनी, संयुक्त कृषि निदेशक राजवीर सिंह, सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, उप कृषि निदेशक डीवी सिंह, जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू, एसडीओ ऋतुषा तिवारी, डीसीओ राजेश्वर सिंह, डीएसओ रमन मिश्रा, उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह, सीवीओ डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह, राजकुमार, प्रदीप मिश्रा, जिला विज्ञान क्लब के लक्ष्मीकांत शर्मा, अवधराज सिंह, इफको प्रबंधक नरेंद्र सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
स्टॉलों पर यंत्र व योजनाओं की जानकारी
किसानों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों एवं कंपनियों की ओर से स्टाल लगाए थे। किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्रों के साथ विभागीय योजनाओं की जानकारी ली। यंत्र एवं खाद दवाओं के अलावा खादी, बाल विकास एवं पोषाहार, स्वास्थ्य विभाग, जिला क्लब, वन विभाग के भी स्टाल लगाए गए।फोटो-- 22 पीबीटीपी 7, 8, 9