पीलीभीत में प्रशासन ने टनकपुर हाईवे के किनारे स्थित संतोषी माता मंदिर का ताला खुलवा दिया। श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को विधि-विधान से पूजा की। मंदिर परिसर में माता और जय श्री राम के जयकारे गूंजे। ताला खुलने के समय भंग समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं में नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया।
शहर से गुजरे टनकपुर हाईवे के किनारे पीलीभीत गन्ना समिति से थोड़ा पहले संतोषी माता मंदिर है। आसपास मोहल्लों के लोग रोजाना पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। करीब एक सप्ताह पूर्व अर्जुन, ज्ञान, सुरेश आदि श्रद्धालुओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को शिकायती पत्र देकर कहा था कि मंदिर की भंग समिति की ओर से मंदिर की संपत्ति पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। समिति के पदाधिकारियों ने मंदिर में ताला भी लगा दिया है।
लोगों ने किया था प्रदर्शन
बुधवार को 50 से अधिक महिला-पुरुषों ने मंदिर गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया कि पूर्व में झम्मनलाल आदि ने गलत तरीके से अपनी समिति का पंजीकरण करा लिया था। शिकायत के बाद सहायक रजिस्ट्रार चिट्स फंड बरेली ने समिति भंग कर दी। इसके बाद भी भंग समिति के लोग मंदिर की संपत्ति पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। अवैध कब्जा कर संपत्ति बेचने के प्रयास में हैं। ताला खुलवाने की मांग की। सूचना पर पहुंचे सुनगढ़ी थानाध्यक्ष पवन पांडे ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया था।
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जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। शनिवार की दोपहर महामंडलेश्वर शिवानंद, विश्व हिंदू परिषद की जगदीश सक्सेना, प्रिंस गौड़ आदि पदाधिकारी और श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। नायब तहसीलदार प्रखर भी पुलिस टीम के साथ मंदिर पहुंचे। दोनों पक्षों की मौजूदगी में ताला खोला गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। नायब तहसीलदार ने बताया कि मंदिर का ताला खुलवा दिया गया है।