इस बार कम हो सकती है क्रय केंद्रों की संख्या
होली का त्योहार बीतने के साथ ही किसानों ने गेहूं कटाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने भी पहली अप्रैल से गेहूं खरीद की व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं।
तराई के इस जनपद में गन्ना और धान के साथ गेहूं प्रमुख फसल है। खेतों में लहलहा रही गेहूं की फसल इस समय लगभग तैयार हो चुकी है। किसान जल्द इसकी कटाई करने की जुगत में लग गए हैं। इधर प्रशासन/खाद्य विभाग ने भी गेहूं की फसल खरीदने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के लगभग 100 क्रय केंद्र खोले जाने की तैयारी है। इसके लिए विभाग ने स्थान का चयन कर सूची बना ली है। डीएम ने एडीएम अजयकांत सैनी को जिला खरीद प्रभारी नियुक्त किया है। खरीद केंद्रों का निर्धारण होने के बाद हैंडलिंग ठेकेदार नियुक्त कर पहली अप्रैल से खरीद शुरू कराई जाएगी।
पिछले वर्ष से कम रहेेगी खरीद केंद्रों की संख्या
जिले में गेहूं का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में होता है। इसकी खरीद के लिए पिछले वर्ष लगभग एक दर्जन खरीद एजेंसियों के माध्यम से 116 क्रय केंद्र खोले गए थे लेकिन इस बार उत्पादन ठीक होने के बाद भी क्रय केंद्रों की संख्या कम रहने की उम्मीद है। दरअसल पहले एक क्षेत्र में कई एजेंसियों के क्रय केंद्र एक साथ लगते थे लेकिन इस बार इसमें बदलाव कर एक क्षेत्र में एक ही एजेंसी का एक क्रय केंद्र खोला जाएगा।
बीज निर्माताओं ने भी शुरू की तैयारी
गेहूं खरीद की सरकारी व्यवस्थाओं के साथ बीज निर्माता भी सक्रिय हो गए हैं। मंडी में आने वाले गेहूं को अच्छे दाम पर खरीद कर उसका बीज बनाकर मोटी कमाई करने की जुगत शुरू हो गई है। गत वर्ष भी जिले में गेहूं बीज के नाम पर बड़े पैमाने पर खेल हुआ था। शिकायत होने पर मामले की जांच के बाद कार्रवाई भी हुई थी।