अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह तोमर ने गुरुवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों के रहन सहन आदि के बारे में गहन पूछताछ की।
सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों को जिला जेल का औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में पीलीभीत जिले में एडीजे नरेंद्र पाल सिंह तोमर को जिला जेल का औचक निरीक्षण करने का जिम्मा दिया गया। श्री तोमर बृहस्पतिवार को अचानक जिला जेल पहुंचे। उन्होंने जेल के अभिलेखों का निरीक्षण किया। बंदियों को दिए जाने वाले भोजन आदि के बारे में भी जांच पड़ताल की। बंदियों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने बैरक की साफ सफाई एवं बंदियों के रहन सहन आदि का भी निरीक्षण किया। जिला जेल में बीमार बंदियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी उन्होंने ली। औचक निरीक्षण से जेल में अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
महानिदेशक अभियोजन ने जाना केसों का हाल
महानिदेशक अभियोजन ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए गुरुवार को दोपहर बाद सरकारी वकीलों से मुकदमों में होने वाली सजा और आरोपियों की जमानत अर्जियों के निस्तारण के बाबत जानकारी ली। प्रभारी जिला शासकीय अधिकारी अपराध काजी रिफाकत हुसैन फरहान ने डीजी अभियोजन को बताया कि जिले में गंभीर मामलों में सभी आरोपियों की जमानत अर्जी न्यायालय से खारिज हो रही हैं। अधिकांश केसों में अभियोजन की सही पैरवी से आरोपियों को सजा दिलाई जा रही है। इस मौके पर सरकारी वकील विनोद गिरी, अंशुल गौरव सिंह और मोहम्मद अनीस मौजूद रहे।