शारदा की कटान से 25 वर्ष पूर्व विस्थापित हुए ग्रामीणों के नाम दूसरी ग्राम पंचायत में जोड़ दिए। कई बार शिकायत के बाद भी मतदाता सूची में परिवर्तन न होने से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की और गलत तरीके से दूसरी ग्राम पंचायत में जोड़े गए नाम को पूर्व की ग्राम पंचायत में जोड़ने की मांग की।
रमनगरा ग्राम पंचायत का मजरा गुन्हान वर्ष 1989 में शारदा की बाढ़ मेें कट गया था। तब से बाढ़ से विस्थापित गांववासी रमनगरा के ही निकट शारदा सागर डैम के वर्जित क्षेत्र में रह रहे हैं। इन ग्रामीणों को राशन कार्ड एवं अन्य सुविधाएं रमनगरा ग्राम पंचायत से ही मिल रही हैं लेकिन वर्ष 2011 की जनगणना के बाद उनके नाम रमनगरा की ग्राम पंचायत से काटकर मटैइयालाल में जोड़ दिए गए। इसकी जानकारी होने पर पिछले दिनों ग्रामीणों ने पूरनपुर विधायक पीतमराम के साथ मिलकर डीएम ओएन सिंह से मुलाकात की थी, जिस पर डीएम ने जांच कराकर नाम ठीक कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन काफी समय बाद भी ग्रामीणों के नाम मटैइया लालपुर गांव से नहीं हटाए गए। इससे नाराज ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को रमनगरा चौराहे पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि साजिश के तहत कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए उनके नाम मटैइयालाल में शामिल करा दिए हैं। प्रदर्शन करने वालों में दिलशेर प्रसाद, भूदेव दास, अनारदाना, हरीराम गौतम, कौशल्या देवी, हरिदास, प्रशांत, सावित्री देवी, रामदरश, नरमा देवी, मिथलेश सहित कई लोग शामिल थे।