एक दिन का वेतन रोकने और वेतनवृद्धि बाधित करने के निर्देश, एक सप्ताह में लंबित ऑडिट देने के निर्देश
पीलीभीत। त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं की लंबित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने और सचिव प्रभार की स्थिति स्पष्ट न करने पर पांच ग्राम पंचायत सचिवों और बिलसंडा की एक सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी लंबित ऑडिट समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विकास भवन स्थित गोमती सभागार में मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग की वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2017-18 के प्रस्तर संख्या 51 से 100 तथा वर्ष 2018-19 के प्रस्तर संख्या 1 से 114 तक की लंबित ऑडिट आपत्तियों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान ग्राम पंचायत सचिव रामप्रकाश, प्रदीप कुमार, कमल किशोर, रितेश शुक्ला व बिलसंडा की सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) कृष्णा देवी बैठक में अनुपस्थित मिलीं।
सचिव प्रभार की स्थिति स्पष्ट नहीं करने पर मुख्य विकास अधिकारी ने 31 जुलाई का एक दिन का वेतन रोकने व एक अस्थायी वेतनवृद्धि बाधित करने के निर्देश दिए। बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन ग्राम पंचायतों के ऑडिट प्रस्तरों का अनुपालन तैयार है। वह एक अगस्त तक जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में जमा कर दें। जिनका अनुपालन अभी तैयार नहीं है। वह एक सप्ताह के भीतर हर हाल में तैयार कराकर जमा करें। जिन मामलों की समीक्षा चल रही है, उनमें संबंधित ऑडिटर से समन्वय कर सभी कमियां दूर की जाएं। यह भी स्पष्ट किया गया कि ऑडिट प्रस्तरों के अनुपालन के लिए तत्कालीन और वर्तमान दोनों ग्राम पंचायत सचिव समान रूप से जिम्मेदार होंगे। संवाद