बीएसए ने बा स्कूलों पर कसा शिकंजा
बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों के बाद चार वार्डन समेत कई शिक्षिकाओं के मानदेय आहरण पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी। उन्होंने स्टाफ को जल्द ही व्यवस्था सुधार की चेतावनी दी है।
जिले में नौ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हैं। इस सभी में एक-एक वार्डन समेत फुल टाइम और पार्ट टाइम शिक्षिकाएं तैनात हैं। इन आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों के गैरहाजिर रहने आदि की शिकायतें अक्सर प्रकाश में आती रहती हैं। इधर नवागंतुक बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने हाल ही में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बरखेड़ा, नगर क्षेत्र पीलीभीत, नगर क्षेत्र बीसलपुर और ग्रामीण और बिलसंडा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक वार्डन गैरहाजिर मिलीं। वहीं कई बा स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। इसके अलावा अन्य कई खामियां पाई गई। वहीं बा स्कूल बिलसंडा में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार न होने पर मानदेय आहरण पर रोक लगाने की चेतावनी दी थी। इधर, बीएसए ने बा स्कूल बरखेड़ा की वार्डन अलका मिश्रा, नगर क्षेत्र पीलीभीत की वार्डन कहकशां, बीसलपुर ग्रामीण की वार्डन निशा पांडेय, बीसलपुर नगरक्षेत्र की स्मृति शुक्ला के अग्रिम आदेश तक मानदेय आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। वहीं दस से अधिक फुट टाइम और पार्ट टाइम शिक्षिकाओं के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। बीएसए ने बताया कि बा स्कूलों में चेकिंग के दौरान कई अनियमितताएं पाई गई थी। वार्डन और शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सुधार न होने तक मानदेय निर्गत नहीं किया जाएगा। लापरवाह शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।