बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण में घपलेबाजी के मामले में पीलीभीत की अमरिया तहसील के छह लेखपालों पर कार्रवाई तय हो गई है। सहायक आयुक्त की रिपोर्ट आने के बाद जिला प्रशासन कभी भी इनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। जमीन अधिग्रहण मामले की जांच रिपोर्ट में परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में इनकी लापरवाही तय की गई है।
पीलीभीत से गुजरे बरेली-सितारगंज हाईवे के निर्माण के लिए अगस्त 2024 में भूमि अधिग्रहण और परिसंपत्तियों के मुआवजे का मूल्यांकन कराया गया था। मामले में राजस्व कर्मियों और एनएच की टीम ने जांच कर रिपोर्ट दी। एनएच के नवागत पीडी ने बरेली में कार्यभार ग्रहण किया तो मुआवजे में कई गड़बड़ियां सामने आईं। भूमि अधिग्रहण मामले में कई खुलासे हुए।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने सहायक आयुक्त प्रीती जायसवाल को जांच अधिकारी बनाया। जांच अधिकारी ने अमरिया और जहानाबाद में आकर जांच की थी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई। रिपोर्ट में राजस्व कर्मियों पर परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। जांच रिपोर्ट पीलीभीत प्रशासन को भी मिली है।
बताया जा रहा है कि अमरिया तहसील के छह लेखपाल दोषी पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इन लेखपालों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। एडीएम ऋतु पूनिया ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिली है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।