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लेखाकार से दस साल के अभिलेख कब्जे में लिए

Mon, 28 Sep 2015 11:04 PM IST
Pilibhit
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वित्तीय अनियमितता की आशंका पर सील हुए उपाधि महाविद्यालय के लेखाकार कार्यालय को सिटी मजिस्ट्रेट की देखेरख में खोला गया। डीएम के निर्देश पर लेखाकार से पिछले दस साल के अभिलेख लेने के बाद कार्यालय को पुन: सील कर दिया गया।
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डीएम मासूम अली सरवर ने कुछ दिन पूर्व उपाधि महाविद्यालय के लेखाकार अनिल गोयल को तलब कर महाविद्यालय के आय व्यय का ब्यौरा मांगा था। चार दिन बीतने के बाद भी लेखाकार आय व्यय का ब्यौरा लेकर नहीं पहुंचे। डीएम ने वित्तीय अनियमितता की आशंका पर 24 सितंबर को लेखाकार कार्यालय सील करवा दिया गया था। इधर सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा व तहसीलदार इंद्राकांत द्विवेदी महाविद्यालय पहुंचे। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील चल रहे लेखाकार कार्यालय को खोला गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने लेखाकार से पिछले दस सालों के अभिलेख तलब किए। जिस पर लेखाकार ने कार्यालय से इस साल के अभिलेख तलाश करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दिए। अभिलेख निकालने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्यालय को पुन: सील करवा दिया। माना जा रहा था कि सोमवार को जांच होने के बाद लेखाकार कार्यालय खोल दिया जाएगा, लेकिन अभिलेख लेने के बाद पुन: कार्यालय सील होने पर चर्चाओं का बाजार एक बार फिर से गर्म हो गया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, कार्यालय अधीक्षक रमेश राजा आदि मौजूद रहे।

यह अभिलेख लिए गए कब्जे में
- आडिट रिपोर्ट
- एजी की वर्तमान रिपोर्ट
- वेतन बिल रजिस्टर
- मानदेय पत्रावली
- अस्थाई शिक्षकों की वेतन पत्रावली
- चेकबुक

डीएम के निर्देश पर सील कार्यालय खोलकर पिछले दस सालों का रिकार्ड तलब किया गया है। इसके बाद कार्यालय का पुन: सील किया गया है। अब अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा।
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जितेंद्र कुमार शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट।
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