अपनी मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार को भी लेखपालों ने नेहरू पार्क में धरना दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए। लेखपालों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को मानकर शासनादेश जारी नहीं करेगी तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी। कई संगठनों ने भी लेखपालों के आंदोलन को समर्थन दिया है।
उप्र लेखपाल संघ के तत्वावधान में जिले भर के लेखपाल शनिवार सुबह नेहरू पार्क में एकत्र हुए। लेखपालों ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के उत्पीड़न पर आमादा है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कर्मचारियों का ही योगदान रहता है फिर भी उनकी उपेक्षा की जा रही है जबकि जनता की समस्याओं से सरोकार न रखने वाले विधायकों और मंत्रियों का वेतन बिना मांग के ही दो-तीन गुना बढ़ा दिया गया है। ग्राम्य विकास मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजय तोमर ने नेहरू पार्क पहुंचकर लेखपालों को समर्थन पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि लेखपालों की मांगें जायज हैं। आंदोलन में उनका संगठन लेखपालों के साथ है। संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष हशमुद्दीन खां ने भी लेखपालों के आंदोलन को समर्थन दिया। यहां जिलाध्यक्ष अशोक गंगवार, मंत्री राधेकृष्ण, अनुराग मिश्र, दीपक सागर, ओमकार सिंह, राजेश भारती, रामस्वरूप, रामागोपाल, राम कुमार राना, झम्मनलाल, ज्वाला प्रसाद, रूपेश गुप्ता, सतीश बाबू राना, पीतमराम, केपी सिंह, मेहंदी हसन, ऋषिपाल, छेदालाल, मुरलीधर गंगवार, गुरमेश चंद्र, कप्तान सिंह आदि मौजूद थे।