जूते-चप्पल की दुकान में लगी भीषण आग
अमरिया (पीलीभीत)। अज्ञात कारणों के चलते जूते-चप्पल की दुकान में आग लग गई। बंद शटर से धुआं निकलने पर तमाम लोग जमा हो गए। इसके बाद आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए गए, लेकिन आग काफी भीषण रूप ले चुकी थी। इसको बुझाने के लिए रात तक लोग मशक्कत करते रहे। आग से बड़ा नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
कस्बा अमरिया निवासी सगे भाई इमदाद और सद्दाम की जूते-चप्पल की दुकान बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे से जाने वाले थाना रोड पर है। थोक का काम होने की वजह से ऊपरी मंजिल पर गोदाम बना रखा है। रोज की तरह बुधवार रात आठ बजे दुकान बंद कर दोनों भाई दुकान बंद कर घर चले गए। इसके बाद बंद दुकान में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। कुछ देर बाद राहगीरों ने शटर से धुआं निकलता देखा तो भीड़ जमा हो गई। इसकी सूचना मिलने पर दुकान स्वामी सगे भाई भी आ गए। पुलिस भी कुछ ही देर में पहुंच गई। दमकल विभाग को सूचित करने के साथ ही लोगों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। आसपास के गांवों में रहने वाले फार्मर भी आग बुझाने में लग गए। करीब एक घंटे तक दमकल विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में आग ने भीषण रूप ले लिया। दुकान का शटर खोला गया, अंदर से आग का गुबार निकला। इसमें कई लोग झुलसने से बाल-बाल बच गए। एसडीएम सौरभ दुबे, एसओ उदयवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर आग बुझाने में लगे रहे। देर से पहुंची दमकल की गाड़ी भी आग बुझाने में नाकाफी साबित होती दिखी। आग गोदाम तक पहुुंच गई। जिसके बाद ऊपरी मंजिल की दीवार तोड़कर पानी से आग बुझाने की कोशिश की जाती रही। दुकान में रखा लगभग सारा सामान जल गया। गोदाम में रखे सामान को बचाने के लिए ग्रामीणों की मदद से कोशिश जारी है। एक गाड़ी का पानी खत्म होने पर दमकल की दूसरी गाड़ी बुलाई गई। पुलिसकर्मी भी बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने में लगे रहे। एसडीएम ने बताया कि आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी आग लगने की वजह सामने नहीं आ सकी है।
फिर बेदम साबित हुए दमकल के इंतजाम, ग्रामीण बने मददगार
अमरिया। नेशनल हाईवे पर जूते-चप्पल की दुकान में लगी आग की घटना के बाद एक बार फिर दमकल विभाग के इंतजाम नाकाफी साबित हो गए। सूचना मिलने पर एसडीएम और अमरिया थाने की पुलिस तो मौके पर पहुंच गई, लेकिन फायर ब्रिगेड का एक घंटे तक कोई पता नहीं था। ऐसे में ग्रामीण ही मददगार के तौर पर सामने आए। हादसे का पता लगते ही कुछ ही देर में सैकड़ों लोग जमा हो गए और अपने-अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीण भी ट्रैक्टर में लगी स्प्रे मशीन लेकर आ गए। यह कोशिश शुरू कर दी गई कि किसी तरह से आग को बढ़ने से रोक लिया जाए। मगर उनकी तमाम कोशिशें नाकाफी साबित होती दिखी। आग बढ़ती चली गई और पहले दुकान में रखा सामान चपेट में लिया और फिर गोदाम तक जा पहुंची। फार्मर, व्यापारी, पुलिसकर्मी सभी एकजुट होकर आग बुझाने में लगे रहे। ऊपरी मंजिल में काफी सामान रखा था। ऐसे में उसको बचाने पर काफी जद्दोजहद की गई। एक तरफ की दीवार तोड़कर उसके जरिए पानी धार छोड़ी जाती रही। सभी का कहना है कि अगर समय रहते दमकल टीम पहुंच गई तो आग इतनी भीषण रूप नहीं ले पाती। तहसील क्षेत्र में दमकल विभाग की ओर से कोई पर्याप्त इंतजाम ही नहीं है। ग्रामीण मदद के तौर पर बाल्टियों से पानी भर-भरकर फेंकते रहे। स्प्रेमशीन का प्रेशर था, लेकिन आग की भीषणता के आगे टिक नहीं सका। हर कोई हादसे का मंजर देख दंग था। वहीं दमकल विभाग की लापरवाह कार्यशैली को लेकर आक्रोश भी रहा।