तराई क्षेत्र में स्थित गोमती उद्गम स्थल पर नए साल के पहले दिन भक्तिमय माहौल दिखाई दिया। आरती की शुरूआत वाराणसी से आए आचार्यों ने कराई। इसके बाद गोमती कथा हुई। इससे पूर्व गोमती स्थल पर कराए गए कई कामों का जनप्रतिनिधि और अफसरों ने उद्घाटन किया। पर्यटक स्थल के रूप में इसे विकसित करने को हुई इस पहल की सभी ने दिल खोलकर सराहना की।
माधोटांडा क्षेत्र में स्थित गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए लंबे समय से कवायद चल रही थी। मगर इसे पूरा नहीं किया जा सका था। बीते माह डीएम पुलकित खरे ने निरीक्षण करने के बाद इसके सौंदर्यीकरण का जिम्मा संभाला। अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई और युद्धस्तर पर कई काम कराए गए। क्षेत्र के समाजसेवी और व्यापारी भी इसमें आगे आए। रिसॉर्ट मालिक बरेंदर सिंह सहोता समेत कई अन्य ने भी काम कराने में प्रशासन की मदद की।
एसडीएम चंद्रभानु सिंह को नोडल अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी देकर काम कराए गए। यहां पर आदर्श गोशाला, जलपान गृह, प्राचीन मंदिर, थारू हट, मनोरंजन पार्क, उद्गम रिवर फ्रंट बनाया गया। रंगबिरंगी लाइट लगवाकर सुंदरता बढ़ाई गई। शुक्रवार की शाम को पूरनपुर के विधायक बाबूराम पासवान, डीएम पुलकित खरे, सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, जिलाध्यक्ष भाजपा संजीव प्रताप सिंह आदि अधिकारी और नेता पहुंचे। स्थानीय लोगों के अलावा अन्य इलाकों से भी लोग आए। फिर इसका फीता काटकर उद्घाटन किया गया।
गोवंश पूजन के बाद उन्हें हरा चारा, भूसा और गुड़ खिलाया गया। इस दौरान लोगों ने नौका विहार का भी आनंद लिया। शाम पांच बजे वाराणसी की तर्ज पर आरती हुई तो भक्तिमय वातावरण हो गया। फिर गोमती कथा हुई। आरती बनारस से आए आचार्य रंजीत कुमार पांडेय ने अपने सहयोगियों के साथ संपन्न कराई। पर्यटकों में गोमती उद्गम स्थल के बदले स्वरूप को लेकर खासा उत्साह दिखा।
गोमती उद्गम स्थल पर रोजाना दोपहर दो से शाम पांच बजे तक नौका विहार, शाम पांच बजे आरती और साढ़े पांच बजे गोमती कथा का आयोजन होगा। सभी से अपील है कि वह इसमें हिस्सा लें और आसपास साफ सफाई बनाए रखें।
- पुलकित खरे, डीएम