'दिल्ली में युवाओं पर बल प्रयोग किया गया'
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षाविद सोनम वांगचुक छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर 21 दिनों तक जंतर-मंतर पर अनशन पर रहे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की। ज्ञापन में 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग किया गया और अनशनरत सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रस्तावित संसद मार्च को रोकने के उद्देश्य से की गई।
आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने, जंतर-मंतर की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन में जिला महासचिव एडवोकेट संजय कुमार, पंचायत प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार भारती, एससी/एसटी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष राम सिंह सोनकर, युवा प्रकोष्ठ के महासचिव मनोज भारती, श्रेयांस पांडेय, वहीद अहमद, दीपक समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।