घुंघचाई। बांस काट रहा युवक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आकर झुलस गया। परिवार के लोग अंधविश्वास में फंसकर उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय रेत में दबाकर रखे रहे। जब युवक की हालत में सुधार नहीं हुआ तब अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
थाना क्षेत्र के गांव लुकटिहाई निवासी दाताराम (30) पुत्र बृजबिहारी अपने परिवार के साथ हाईवे के किनारे रहता था। शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे वह घर की टूटी दीवार की मरम्मत के लिए बांस काट रहा था। बांस के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन निकली हुई थी।
बांस काटने के दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से वह छू गया। इससे युवक करंट की चपेट में आकर झुलस गया। काफी देर तक अचेत अवस्था में चिपका रहा। जब उसे बेसुध पड़ा देखा तो परिजनों में खलबली मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिजन उसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल न ले जाकर अंधविश्वास में फंस गए।
युवक को काफी समय तक घर में ही रेत में दबाकर रखा। हालत में सुधार नहीं हुआ तो मामले की सूचना 108 एंबुलेंस को दी। एंबुलेंस से युवक को पूरनपुर सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सीएचसी में डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। थाना प्रभारी प्रकाश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक दाताराम के दो पुत्रियां अशुंल व वंदना, पुत्र प्रदीप कुमार और पत्नी रेशमा देवी हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
चार माह पहले घर में लग गई थी आग
चार माह पहले मृतक दाताराम के घर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी, जिससे नकदी और हजारों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख गया था। वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था।
मिट्टी में दबाने के टोटके से कुछ नहीं होता-
करंट लगने के बाद व्यक्ति को मिट्टी में दबाने से किसी तरह की कोई राहत नहीं मिलती है। फिजिक्स में इस तरह का कोई नियम भी नहीं है। व्यक्ति का उपचार ही कराना चाहिए। समुचित उपचार से लाभ मिलेगा। – विशाल सक्सेना, प्राध्यापक फिजिक्स उपाधि महाविद्यालय
करंट लगने के मामलों में मरीज के पास समय बहुत कम रहता है। योग्य चिकित्सक से समय पर इलाज मिलना जरूरी है। समय पर मरीज के चिकित्सक के पास पहुंचने पर उसके बचने के चांस रहते हैं। मिट्टी में दबाने के टोटका से कुछ नहीं होता। - डॉ. मनीष राज शर्मा, अधीक्षक सीएचसी पूरनपुर
घुंघचाई क्षेत्र में युवक की मौत के बाद विलाप करते परिजन। संवाद
घुंघचाई क्षेत्र में युवक की मौत के बाद विलाप करते परिजन। संवाद