नायब तहसीलदार अजय सक्सेना ने गेहूं क्रय केंद्रों की निरीक्षण रिपोर्ट विधायक को सौंप दी है। निरीक्षण में क्रय केंद्रों पर बहुत खामियां मिलीं। यही नहीं कर्मचारी कल्याण निगम का क्रय केंद्र कागजों पर चलता हुआ मिला। भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने शनिवार की शाम मंडी के चारों राजकीय गेहूं क्रय केंद्रों की सघन चेकिंग अपनी मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम से कराई थी। चेकिंग देर रात तक चली। चेकिंग नायब तहसीलदार अजय सक्सेना के निर्देशन में चली। नायब तहसीलदार ने रविवार को सुबह विधायक को क्रय केंद्रों की निरीक्षण रिपोर्ट सौंप दी है। विधायक ने बताया कि निरीक्षण में सभी क्रय केंद्रों पर काफी अनियमितताएं मिलीं। उन्होंने बताया कि मंडी परिसर में कर्मचारी कल्याण निगम का क्रय केंद्र केवल कागजों पर ही चल रहा था। नियमानुसार इस क्रय केंद्र को पहली अप्रैल से चालू हो जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि आरएफसी के केंद्र पर सतीश चंद्र, पीसीएफ के केंद्र पर मोहम्मद यूनुस और एसएसएफसी के केंद्र पर चंद्रसेन नामक फर्जी हैंडलिंग ठेकेदार काम करते हुए मिले, जबकि अभिलेखों में इन लोगों का कोई नामोनिशान नहीं है। निरीक्षण में यह भी पता चला कि एसएफसी के केेंद्र पर मोहल्ला ग्यासपुर के इकबाल नामक जिस किसान ने गेहूं तुलवाया है, उसकी जोतबही फर्जी थी। निरीक्षण में यह भी पता चला कि किसी भी क्रय केंद्र पर किसानों के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। विधायक ने बताया कि डीएम को पूरे मामले की जानकारी देकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कह दिया गया है।