पीटीआर में जंगल सफारी मार्ग पर बाघिन के साथ चहलकदमी करते तीन शावक। स्रोत सोशल मीडिया
कलीनगर। पीटीआर में इन दिनों एक बाघिन और उसके तीन नन्हे शावक सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मां के साये में जंगल की पगडंडियों पर कदमताल करते, कभी खेलते-कूदते तो कभी ममता भरे दुलार में खोए शावकों के मनमोहक दृश्य हर दिन पर्यटकों को रोमांचित कर रहे हैं। जंगल सफारी पर निकलने वाले सैलानियों के लिए यह नजारा किसी यादगार उपहार से कम नहीं है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र के दौरान वैसे तो सैलानियों को बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के दीदार होते हैं, लेकिन इन दिनों सैलानी एक अनूठे पारिवारिक दृश्य के साक्षी बन रहे हैं। बाघिन अपने तीन शावकों के साथ खुले जंगल में बेफिक्र होकर विचरण कर रही है। यह दृश्य देखने वाले हर पर्यटक के दिल में बस जा रहा है। जंगल की हरियाली के बीच मां और बच्चों का यह साथ वन्यजीव प्रेमियों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। सफारी के दौरान अक्सर बाघिन अपने शावकों के साथ जंगल के रास्तों पर नजर आ जाती है। कभी शावक मां के पीछे-पीछे चलते दिखाई देते हैं तो कभी उसकी पूंछ से खेलते हुए शरारत करते नजर आते हैं। कई बार बाघिन उन्हें दुलारते हुए या सतर्कता के साथ आसपास का जायजा लेते हुए भी देखी गई है। इन प्राकृतिक और भावनात्मक पलों को सैलानी अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं।
बीते कई दिनों से लगातार बाघिन और शावकों के फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। गौरतलब है कि पर्यटन सत्र को 15 दिन के लिए बढ़ाए जाने का लाभ भी पीटीआर को मिल रहा है। बृहस्पतिवार को भी सफारी के दौरान बाघिन अपने तीनों शावकों के साथ दिखाई दी। रेंजर सहेंद्र यादव ने बताया कि बाघों का कुनबा बढ़ना पीटीआर के समृद्ध वन्यजीव संरक्षण का भी प्रमाण है। सैलानियों की सुविधा के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। संवाद