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मिल हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू

Tue, 06 Dec 2016 11:06 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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चीनी मिल हादसे के मामले में मजिट्रेटी जांच शुरू हो गई है। सिटी मजिस्ट्रेट राजितराम प्रजापति ने मंगलवार को चीनी मिल पहुंच कर ब्लास्ट से क्षतिग्रस्त क्षेत्र की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई। मृतक के परिवारीजनों को बुधवार को मुआवजे की राशि मिलेगी। इसकी सभी तैयारी प्रशासन ने पूरी कर ली है। घायलों के उपचार की स्थिति पर भी डीएम नजर रखे हुए हैं। बताते चलें कि तीन दिसंबर की शाम स्थानीय ललितहरि चीनी मिल के ग्रेडर हाउस में ब्लास्ट हो जाने से उसमें काम कर रहे तीन मजदूरों की मलबे में दब कर मौत हो गई थी। आधा दर्जन श्रमिक घायल हो गए थे। हादसे के बाद से प्रशासन के दबाव के बाद मिल प्रबंधन ने मृतकों के परिवार वालों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता व घायलों का समुचित इलाज कराने का आश्वासन दिया था। मिल प्रबंधन की ओर से घटना के अगले दिन ही पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि जिला प्रशासन को सौप दी गई थी, लेकिन घटना के तीन दिन बाद भी उनके परिवार वालों को यह सहायता राशि नहीं मिल सकी। जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने बताया कि मिल प्रबंधन की ओर से तीनों मृतकों के परिवार वालों को दिए जाने वाली मुआवजा राशि के रूप में 15 लाख रुपये प्राप्त हो गए हैं। डीएम ने बताया कि मृतकों के सभी आश्रितों को बराबर मुआवजा राशि मिल जाए इसको लेकर सोमवार को राजस्व टीम से मृतकों के आश्रितों की पड़ताल कराई गई। डीएम ने बताया कि यह धनराशि मंगलवार को ही सभी आश्रितों के खाते में पहुंच जाती, लेकिन बैंक बंद होने के कारण अब यह धनराशि बुधवार को सभी आश्रितों के खाते में पहुंच जाएगी। डीएम ने बताया कि हादसे में घायलों की उपचार व्यवस्था की वह नियमित जानकारी ले रहे हैं। चीनी मिल प्रबंधन उनका उपचार करा रहा है। उधर मजिस्ट्रेटी जांच के लिए नियुक्त सिटी मजिस्ट्रेट राजितराम प्रजापति ने अपनी जांच शुरू कर दी है। उन्होंने मंगलवार को चीनी मिल पहुंच कर घटना स्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई। बताया कि जल्द ही इस मामले में मिल अधिकारियों व हताहतों के परिवार वालों के बयान लिए जाएंगे। स्वतंत्र गवाहों को भी बयान के लिए मौका दिया जाएगा।
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बढ़ रही पेराई की क्षमता
पीलीभीत। चीनी मिल के ग्रेडर में ब्लास्ट के बाद से पैकिंग प्लांट के बिन समेत क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद से मिल में ठप हुए पेराई कार्य को मिल प्रबंधन ने पांच दिसंबर की सुबह ट्रायल के तौर पर शुरू किया था। मिल के जीएम एचआर आशीष गुप्ता ने बताया कि पांच दिसंबर को 12 घंटे ट्रायल के दौरान मिल आधी क्षमता से पेराई कर रही थी, लेकिन मिल प्रबंधन उसे धीरे-धीरे बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को मिल की यह पेराई क्षमता बढ़ कर 58 हजार क्विंटल हो गई है। 
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