पूरनपुर। गन्ना छील रहे गांव मुरैनिया गांधीनगर के मजदूर भारत (56) पर बाघ ने हमला कर घायल कर दिया। शोर-शराबा पर बाघ मजदूर को छोड़कर फिर गन्ने के खेत में चला गया। घायल को इलाज के लिए लखीमपुर के पलिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना बुधवार को दिन में करीब 11 बजे गांव के समीप ग्रामीण पदम चौधरी के गन्ने के खेत की है। भारत और अन्य मजदूर बुधवार को गन्ना छिलाई कर रहे थे। इसी दौरान खेत से निकले बाघ ने हमला कर भारत को घायल कर दिया। यह देख गन्ने की छिलाई कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। बाद में शोर पर बाघ गन्ने की खेत में घुस गया। पलिया के एक निजी अस्पताल में घायल का इलाज चल रहा है।
पूर्णानगर के रेंजर ललित कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल से घटना की जानकारी दी। सूचना पर घटनास्थल पहुंची टीम को बाघ या तेंदुआ के पैरों के निशान नहीं मिले। रेंजर ने बताया कि लोग बाघ का हमला होना बता रहे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में चहल-कदमी कर रहे बाघ और तेंदुआ की निगरानी को पहले से ही टीमें लगी हुई हैं। चहल-कदमी कर रहे बाघ को पकड़ने के लिए गांव कबीरगंज के समीप पिंजरा लगा है। पिंजरा लगने के बाद बाघ अब तक उसके समीप नहीं पहुंचा है।
बाघ पहले कर चुका है पशुपालक को घायल
पूरनपुर। बाघ ने 22 मार्च को गांव कबीरगंज के समीप सुतिया नाला के पास बंधी भैंस खोलने गए शब्बीर पर हमला कर घायल कर दिया था। गांव भरतपुर के समीप 20 मार्च को छुट्टा बछड़े का शिकार किया था। इससे दो दिन पहले एक पालतू पशु का शिकार किया था। 30 मार्च को बाघ ने गांव कबीरगंज के दलजीत सिंह के घर में घुसकर पड़िया को घायल कर दिया था। इसी दिन तेंदुआ ने गांव के राजेंद्र के घर में घुसकर बछिया को मार डाला था। संवाद
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