बरखेड़ा। पांच साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म की घटना में पीड़ित पक्ष कार्रवाई के लिए थाने पहुंचा और तहरीर दी, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बजाय समझौते के नाम पर चार दिन तक मामला टरकाती रही। सोमवार को इलाज कराने की बात कहकर समझौता करा दिया गया। इससे बरखेड़ा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
मामला बरखेड़ा क्षेत्र का है। क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी थी। कहा गया कि 15 नवंबर को उसके पांच साल के पुत्र को गांव का ही युवक चीज दिलाने के बहाने घर से ले गया। इसके बाद गांव के बाहर मढ़ी के निकट गन्ने के खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर बच्चे का मुंह दबा दिया।
घटना के बाद बच्चे का आरोपी ने गला दबाने की कोशिश भी की। इसके बाद डरा धमकाकर उसे छोड़ दिया। घर जाते समय रोता देख एक ग्रामीण ने उससे वजह पूछी तो उसने घटना के बारे में बताया। इसके बाद वह दर्द से कराहता हुआ घर पहुंचा। देर रात बच्चे का पिता घर आया।
जानकारी होने पर डायल 112 को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने थाने जाकर शिकायत करने की बात कही। अगले दिन थाने में पहुंचकर तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने मेडिकल परीक्षण और रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय समझौते के प्रयास शुरू कर दिए।
गांव के कुछ लोगों को लगा दिया गया। तीन दिन तक चले प्रयास के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। जिसमें इलाज के लिए खर्च देने की बात शामिल की गई। इस बाबत थाना प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि दुष्कर्म का मामला फर्जी था। लगाए जा रहे आरोप निराधर हैं।