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Pilibhit News: प्राकृतिक खेती के लिए जिले में खुलेगा बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर

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इच्छुक किसान, एफपीओ, एसएचजी, सहकारी समितियां व स्थानीय उद्यमी 19 से 31 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन
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पीलीभीत। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक जैव-आदान तैयार कर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। बीआरसी की स्थापना के लिए इच्छुक प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), सहकारी समितियां, पैक्स और स्थानीय उद्यमी आवेदन कर सकते हैं।
उप कृषि निदेशक राम मिलन सिंह परिहार ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की कार्ययोजना के अनुसार बीआरसी एक क्लस्टर इंटरप्राइजेज के रूप में कार्य करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे किसानों को प्राकृतिक जैव-आदान उपलब्ध कराना है, जो व्यक्तिगत स्तर पर इनका उत्पादन करने में सक्षम नहीं हैं। बीआरसी द्वारा तैयार जैव-आदानों की आपूर्ति जिले में स्थापित सभी प्राकृतिक खेती क्लस्टरों में करने की क्षमता और इच्छा आवेदक के पास होना जरूरी है।
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बीआरसी के लिए चयनित उद्यमी, समूह या इकाई का स्वयं प्राकृतिक खेती का अभ्यासरत किसान होना जरूरी है। यदि समूह है तो उसके सदस्यों में प्राकृतिक खेती का पूर्व अनुभव होना चाहिए। बीआरसी संचालक को अपने खेतों में भी प्राकृतिक जैव-आदानों का इस्तेमाल करना होगा। ऐसे क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने वाला किसान उपलब्ध नहीं होने पर राज्य प्राकृतिक खेती सेल ऐसे प्रशिक्षित किसान उद्यमी की पहचान कर सकता है, जो आगामी फसल सीजन से प्राकृतिक खेती शुरू करने के इच्छुक हों।
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गोबर-गोमूत्र और कच्चे माल की व्यवस्था अनिवार्य
बीआरसी के पास प्राकृतिक जैव-आदान तैयार करने के लिए पशुधन, पौधे आधारित बायोमास समेत आवश्यक कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। गोबर और गोमूत्र की नियमित आपूर्ति के लिए नजदीकी गोशालाओं से भी व्यवस्था होना आवश्यक है। इसके अलावा प्राकृतिक जैव-आदान तैयार करने और तैयार उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होना चाहिए।
बीआरसी के लिए आवेदन करने वाले इच्छुक आवेदकों को निर्धारित पात्रता पूरी करने से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। आवेदन के साथ प्रस्तावित स्थान पर प्राकृतिक खेती की स्थिति, संक्षिप्त बाजार विश्लेषण, जिले में प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता और मार्केटिंग बढ़ाने की कार्ययोजना का विवरण देना होगा।
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19 से 31 अगस्त तक जमा होंगे आवेदन
उप कृषि निदेशक ने जिले के सभी अभ्यासरत प्राकृतिक खेती किसानों, एफपीओ, एसएचजी, पैक्स, सहकारी समितियों और स्थानीय उद्यमियों से आवेदन करने की अपील की है। इच्छुक आवेदक 19 अगस्त की सुबह 10 बजे से 31 अगस्त की शाम पांच बजे तक आवेदन पत्र निर्धारित शर्तों और पात्रता से संबंधित दस्तावेजों के साथ 10 रुपये के शपथ पत्र पर तैयार कर मूल रूप में संबंधित कार्यालय में जमा कर सकते हैं। संवाद
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