माधोटांडा। शारदा नदी में तेज हुए कटान से नगरिया खुर्द कलां के निकट बने मार्जिनल बांध को खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं गभिया क्षेत्र में भी कटान तेज होने से शारदा नदी का रूख शारदा डैम की ओर हो रहा है। कटान की गंभीर बनती स्थिति के मद्देनजर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
बाढ़ के बाद शारदा नदी में कम हुए जलस्तर ने क्षेत्र के लोगों की धड़काने बढ़ा दी हैं। बुधवार शाम तक पानी का बहाव कम होने से कटान काफी कम पड़ गया था लेकिन रात को 12 बजे के बाद से एकाएक तेज हुई धार से नगरिया खुर्दकलां के निकट कटान करती हुई शारदा मार्जिनल बांध के निकट पहुंच गई। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी बाढ़ खंड के अधिकारियों को दी जिसपर अभियंताओं ने मौके पर पहुंचकर मार्जिनल बांध को सुरक्षित बचाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। लेकिन विभाग द्वारा कराए कार्य शारदा के तेज धार में ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रहे हैं। यदि देररात तक कटान पर रोक नहीं लगी तो मार्जिनल बांध भी चपेट में आ सकता है। वहीं दूसरी और नौजल्हा नकटा नंबर दो के निकट स्पर को बाइपास कर निकली शारदा की धार को रोकने में विभाग अभी तक कामयाब नहीं हो पाया है। लोहे के जाल में सीसी बैग में मिट्टी भरकर जो बैग डाले जा रहे हैं वह बहाव के कारण नकाफी साबित हो रहे हैं। उधर गभिया क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनती जा रही है। नेपाल की सनेटी नदी के तट बहाव के कारण गांव के निकट बना तटबंध खतरे में और पानी स्पर को क्रास कर तेज से आगे की ओर बढ़ रहा है। हालांकि प्रधान शंकर राय मजदूरों की सहायता से इस पर रोक लगाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द यहां काम शुरू नहीं कराया गया तो शारदा की धार सीधे डैम को खतरा पैदा हो जाएगा। कटान से कई किसानों की जमीन शारदा में समाने के साथ ही बाढ़ से आई सिल्ट से सैकड़ों एकड़ में फसल नष्ट हो गई है। कटान करती हुई शारदा के मार्जिनल बांध तक पहुंचने और इससे शारदा सागर डैम को खतरा उत्पन्न होने की जानकारी पर एसडीएम संजय कुमार टीम के साथ रमनगरा क्षेत्र पहुंचे और उन्होंने शारदा से हो रहे कटान एवं बाढ़ खंड से कराए जा रहे बचाव कार्यों को देखा।