पीलीभीत। टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद ही जिले के जंगलों से होकर गुजरना अब आसान नहीं रह जाएगा। एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथार्टी) ने इसके लिए गाइड लाइन तैयार कर ली है। नई गाइड लाइन के मुताबिक जिले के जंगल में इंट्री के लिए कुल तीन प्वाइंट रखे गए हैं। इनमें बराही, महोफ और गढ़ा शामिल हैं। दिल्ली में एनटीसीए के साथ बैठक कर लौटे डीएफओ ने नई गाइड लाइन से अपने अधीनस्थों को भी अवगत करा दिया है।
बताते चलें कि कुछ दिन पहले ही शासन ने जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित किया है। इसके बाद से ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए प्रस्तावितकार्यों आदि की गाइड लाइन तैयार करने का काम भी तेजी से शुरू हो गया है। इसी कड़ी में हाल ही में एनटीसीए की दिल्ली में एक बैठक भी हुई। जिसमें डीएफओ राजीव मिश्रा ने यहां की स्थिति से अवगत कराया। बैठक में जंगल में इंट्री प्वाइंट पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में टाइगर रिजर्व बनने के बाद विभाग की प्राथमिकताओं, उसमें लागू होने वाले नए कानून, प्रस्तावित कार्य एवं होने वाले बदलाव पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया है कि जंगल के सभी इंट्री प्वाइंटों को बंद किया जाएगा। केवल तीन अधिकृत प्वाइंट बराही, महोफ और गढ़ा रहेंगे जहां से लोग जंगल के भीतर जा सकेंगे।
डीएफओ ने बताया कि गाइड लाइन के बाद वन अधिकारियों और कर्मचारियों का काम एकदम बदल गया है। वन्यजीव संरक्षण उनकी पहली प्राथमिकता होगी और इसमें बाधा डालने अथवा उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जंगल में दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएफओ ने बताया कि उन्होंने अधीनस्थों को नई गाइड लाइन से अवगत करा दिया है।
समय/गति सीमा के बीच
पार करना होगा जंगल
टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद वाहन चालक अब जंगल के बीच से जाने वाले पक्के मार्गों पर मनचाही स्पीड से वाहन नहीं चला सकेंगे। वाहन चालकों को निर्धारित समय और गति सीमा के अंदर रास्ता पार करना होगा। इसकी निगरानी के लिए मार्गों के दोनों ओर चौकियां बनाई जाएंगी। जिले के कई प्रमुख मार्ग जंगल के बीच से गुजरते हैं। टाइगर रिजर्व बनने के बाद भी इन्हें बंद करना मुमकिन नहीं है। ऐसे में विभाग इन मार्गों पर निगरानी रखेगा। इसके लिए जल्द मार्गों के दोनों ओर चौकियां बनाकर स्टाफ तैनात किया जाएगा।
जंगल में घुसने पर एक पर्ची दी जाएगी जिसमें गाड़ी का नंबर, चालक का नाम और समय अंकित रहेगा। जंगल क्षेत्र पार होने पर दूसरी ओर तैनात स्टाफ इसे चेक करेगा साथ ही वाहनों के गुजरने की सूचना वायरलेस से भी प्रसारित की जाएगी। यदि निर्धारित समय में संबंधित वाहन जंगल के पार नहीं पहुंचा तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
20 किमी प्रति घंटा की
गति से चलेंगे वाहन
नई गाइड लाइन के मुताबिक वाहन चालकों को जंगल क्षेत्र से गुजरते समय 20 किमी प्रति घंटा की गति के भीतर ही अपना वाहन चलाना होगा। डीएफओ राजीव मिश्रा के मुताबिक इससे अधिक गति वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।