पीलीभीत। कोतवाली दियूरिया कलां के गांव टेहरी में चोर बताकर एक युवक को खंभे से बांध दिया जाता है। फिर जो आता है वह भी उस पर अपना हाथ आजमाता है। मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार कर लोग उसे पशुओं की तरह पीटते हैं। अखबारों में भी खबरें छपती हैं, लेकिन एसपी सोनिया सिंह मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना से अनभिज्ञ हैं। पूछे जानें पर बोलीं, जानकारी नहीं है, पता कराती हूं।
बता दें कि 13 जून को कोतवाली क्षेत्र के गांव टेहरा में कथित तौर पर चोरी करने के इरादे से घर में घुसे थाना सुनगढ़ी के गांव गौहनिया निवासी हसन को पकड़ा था। जिसकी खंभे में बांधकर ग्रामीणों ने पशुओं की तरह पिटाई की थी। दियोरिया पुलिस ने मानवता को शर्मसार करने वाले लोगों को नजर अंदाज करते हुए उसे भीड़ के चंगुल से छुड़ा लाए, लेकिन उसका मेडिकल परीक्षण कराना भी मुनासिब नहीं समझा। पिटाई से तड़प रहे हसन को उसी हालत में लड़की भगाने के मामले में वांछित होने पर उसे थाना सुनगढ़ी पुलिस को बुलाकर सौंप दिया गया। पुलिस ने भीड़ के खिलाफ कोई कार्रवाई भी करने की जहमत नहीं उठाई। हालांकि सुनगढ़ी पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद चालान कर दिया था। खास बात यह है कि मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने अपने कप्तान से छिपाए रखी। शनिवार को इस घटना के बाबत पूछे जाने पर एसपी सोनिया सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। हां इतना जरूर कहा कि वह इस मामले को पता कराएंगी।
पुलिस के पास इन सवालों का नहीं जवाब
0 कथित तौर पर युवक को चोरी के आरोप में दबोचा गया तो उसके खिलाफ रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की गई? जबकि गृहस्वामी ने पुलिस को तहरीर दी थी।
0 दियूरिया पुलिस ने कथित घायल चोर का मेडिकल परीक्षण क्यों नहीं कराया?
0 दियूरिया पुलिस ने उसे लिखापढ़ी में सुनगढ़ी पुलिस को क्यों नहीं दिया?
0 पुलिस ने फौरी तौर कर पिटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।