पीलीभीत। 17 अप्रैल को होने वाले चुनाव को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। शहर में ही नहीं बल्कि देहात में भी लोकतंत्र के महापर्व को त्योहार सरीखे माहौल में मनाया गया। नए लोकतंत्र के गठन को लेकर लोगों में काफी दिलचस्पी रही। लोगों ने निजी कार्यों से पूर्व मतदान में भागीदारी की। समाज सेवी संस्थाओं ने जो समाज को पहले मतदान फिर जलपान का संदेश दिया था। मतदाताओं ने सबसे पहले मतदान में भागीदारी कर इसको सार्थक कर दिया।
लोकतंत्र के महायज्ञ में हर किसी के मन में आहुति देने को लेकर एक उमंग थी। शहरी और देहात क्षेत्रों में जहां एक ओर रोड और बाजार में सन्नाटा पसरा था, वहीं दूसरी ओर घरों में त्योहार जैसा माहौल रहा। एक-दूसरे के घरों में लोगों का सुबह से आना जाना शुरू हो गया। संयुक्त परिवारों में लोगों ने समूचे परिवार के साथ चुनावी समर में शामिल होकर लोकतंत्र के गठन को मतदान के रूप में अपने मत रखे। बरखेड़ा विधान सभा की बंगाली कॉलोनी कंजा हर्रैइया में निमाई चंद्र मंडल, सुंदरी मंडल, विमल चंद्र मंडल, मीरा मंडल, राजकुमार मंडल, बसंती मंडल, उत्तम कुमार, पंकज मंडल और बिप्लव मंडल ने समूचे परिवार के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाले। इसके बाद घर पहुंचकर जलपान और जरूरी कार्य निपटाए। प्रत्याशी समर्थकों ने भी सुबह से ही मतदान केंद्रों के समीप बिस्तर लगा दिए। चहेते प्रत्याशियों के चुनाव को लेकर समाज के हर वर्ग में खासा उत्साह दिखाई दिया। युवाओं और बुजुर्गों के अलावा महिलाओं में भी मतदान को लेकर जोरदार जज्बा रहा। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लग गईं। महिलाओं ने सुबह जल्दी ही घरेलूकाम निपटाए और मतदान केंद्रों की ओर रुख कर दिया। हाथ में मतदाता पहचान पत्र और गोद में बच्चे के बाद भी महिलाओं के उत्साह देखने लायक था। मतदान केंद्रों पर धूप में लंबी लाइन के बाद भी वोटरों के उत्साह में कमी नहीं आई। मतदाताओं ने मतदान के बाद जरूरी कामकाज की ओर ध्यान दिया। मतदाताओं ने घरों में सुबह से ही मतदान की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि लोगों की व्यस्तता से दोपहर में मतदान केंद्रों पर इक्का-दुक्का मतदाता ही पहुंच रहे थे, लेकिन दोपहर बाद एकबार फिर से मतदाताओं की लंबी लाइनों ने मतदान केंद्रों की रौनक बढ़ा दी। शाम तक मतदाताओं की मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ लगी रही।