पीलीभीत। राष्ट्रीय परिवार रजिस्टर में दर्ज शहर के लोगों को बायोमैट्रिक नामांकन कार्ड जारी करने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। जल्द ही अब इसे कस्बों में शुरू किया गया है।
राशन कार्ड बनवाने, छात्रवृत्ति पाने, मनरेगा में सौ दिन की मजदूरी पाने, बैंक में खाता खुलवाने, गैस की सब्सिडी प्राप्त करने, ड्राइविंग लायसेंस बनवाने, किसी भी प्रकार की पेंशन पाने समेत सरकार की तमाम लाभकारी योजनाओं में बायोमैट्रिक कार्ड का इस्तेमाल होगा। सबसे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से यह कार्ड अत्याधिक महत्वपूर्ण है। शहर के लोगों को बायोमैट्रिक कार्ड जारी करने का काम गुजरी फरवरी में शुरू हुआ था। शहरी क्षेत्र में एक लाख 17 हजार 634 लोगों को कार्ड जारी करने का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष एक लाख आठ हजार कार्ड अब तक जारी किये जा चुके हैं। बायोमैट्रिक कार्ड बनाने वाली कंपनी के जिला समन्वयक विपिन कु मार ने बताया कि पांच साल से ऊपर के लोगों को यह कार्ड बनवाना जरूरी है। इसका कोई शुल्क नहीं है। जिन लोगों के आधार कार्ड बन चुके हैं, उनके लिये भी बायोमैट्रिक नामांकन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शहर का लक्ष्य पूरा होने की कगार पर है। कस्बों और ग्रामीण अंचलों में छह लाख, 23 हजार 824 लोगों को कार्ड जारी किए जाने का लक्ष्य है। इसके लिये न्यूरिया, ललौरीखेड़ा और बिलसंडा में कार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।