पीलीभीत। जिले में भारी अव्यवस्थाओं के बीच यूपी बोर्ड की परीक्षा का आगाज हो गया। जिले के अधिकांश परीक्षा केंद्रों के समीप स्थित फोटो स्टेट और स्टेशनरी की दुकानें खुली रही। धारा 144 की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। हाईस्कूल की परीक्षा में 3096 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा में कोई भी नकलची नहीं पकड़ा गया। पांच सचल दलों ने 48 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। बरेली से आई संयुक्त शिक्षा निदेशक माया निरंजन ने शहर के परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया।
मंगलवार को सुबह 76 केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा शुरू हुई। जिले में हाईस्कूल की हिंदी की बोर्ड परीक्षा में पंजीकृत छात्र-छात्राओं की संख्या 31008 थी, जिसमें हिंदी की परीक्षा में 27915 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, वहीं प्रारंभिक हिंदी में पांच पंजीकृत परीक्षार्थियों में दो ही परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। हाईस्कूल की प्रथम पाली की परीक्षा में 3096 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा में सुबह से ही अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्थाएं देखने को मिली। छात्र क्षमता से कम आधार के बाद भी केंद्रों पर ढाई से तीन गुना परीक्षार्थियों का आवंटन कर दिया। परिचय पत्र की खामियों ने केंद्र व्यवस्थापकों के होश पुख्ता कर दिए। शहर के बीचोंबीच डिग्री कॉलेज रोड पर सुबह से ही स्टेशनरी और फोटो स्टेट की दुकानें खुल गई। दुकानों पर सामान खरीदने के लिए परीक्षार्थियों की अच्छी खासी भीड़ थी। मौके का फायदा उठाने के चक्कर में धारा 144 के नियमों को ताक पर रख दिया गया। परीक्षा अवधि के क्षेत्र में पुस्तकें, स्टेशनरी एवं फोटो स्टेट की दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं थी। परीक्षा केंद्रों पर अपने बच्चों को पहुंचने के लिए अभिभावकों ने काफी मशक्कत की। सुबह की पाली में बरेली से आई जेडी माया निरंजन ने ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, एसएन इंटर कॉलेज और इस्लामियां इंटर कॉलेज केंद्र का निरीक्षण किया। सचल दल में बीएसए मनोज कुमार ने पूरनपुर क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक केंद्रों पर छापामार अभियान चलाया। वहीं सचल दल एक में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रामपाल सिंह ने जहानाबाद इंटर कॉलेज, उमाशंकर इंटर कॉलेज, जीएम इंटर कॉलेज अमखड़िया, राजकीय इंटर कॉलेज अमरिया का निरीक्षण किया। जेडी ने प्रथम पाली की परीक्षा संपन्न होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पहुंचकर अधीनस्थों की बैठक ली। उन्होंने डीआईओएस डॉ. पवन कुमार सचान को जिले में पूर्ण पारदर्शिता के साथ परीक्षा कराएं जाने के निर्देश दिए।