पीलीभीत। मंगलवार की देर रात बर्थ डे कार्यक्रम से घर लौट रहे एक स्कूल संचालक की बाइक सवार दो युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने गांव के ही दो युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना की वजह एडमीशन न करने से उपजी रंजिश बताई जा रही है।
शहर से सटे ग्राम बरहा निवासी उपेंद्रपाल मिश्रा के पुत्र 19 वर्षीय आकाश गांव में ही निजी स्कूल के संचालक थे। उनके नाना अवधनगर कॉलोनी में रहते हैं। मंगलवार की शाम वह बाइक से नाना के मकान में रह रहे किराएदार के बेटे के जन्मदिन में शामिल हो रात करीब पौने नौ बजे लौट रहे थे। ग्राम गौहनियां रेलवे क्रासिंग (टनकपुर रेल प्रखंड) के निकट पीछे से आए दो बाइक सवारों ने उन्हें गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क किनारे नाले के समीप लुढ़क गया। घटना स्थल पर मृतक की बाइक पड़ी थी, लेकिन उनका शव 20 कदम दूर रेलवे लाइन के समीप पड़ा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि गोली लगने के बाद वह भागा होगा और रेलवे लाइन के पास गिरकर उनकी मौत हो गई। हमलावरों ने जहां घटना को अंजाम दिया वहां काफी अंधेरा था। सुनसान रहने वाले रास्ते पर चली गोली से आसपास के लोग जब बाहर निकले तो हमलावरों ने उन्हें भी गोली मार देने की धमकी दी और भाग निकले। डेढ़ घंटे के बाद सूचना मिलने पर एएसपी डॉ अरविंद भूषण पांडे, सीओ सिटी दिनेश कुमार शर्मा और सुनगढ़ी पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतक की शिनाख्त के बाद घटना की सूचना उसके परिजनों को दी। सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। एसओ केके यादव ने बताया कि मृतक की मां ऊषा मिश्रा ने गांव के ही सुभाष और संजीव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है।
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घटना के पूर्व सेलफोन पर आई थी कॉल
मृतक की मां ऊषा देवी बताती हैं कि जब वह बर्थ डे में नाना के घर पर था। उस वक्त उसके सेलफोन पर कई कॉल आई। उसे कॉल करने वाला बुला रहा था। कई बार कॉल आने के बाद वह आने की बात कहकर वहां से चला आया और उसके कुछ ही देर घटना घटित हो गई।
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पहले भी आकाशपर ताना था रिवाल्वर
मृतक की मां ने बताया कि एक माह पूर्व गांव निवासी सुभाष और संजीव एक बच्चे का उसके स्कूल में प्रवेश कराने के लिए आए थे। मृतक आकाश ने प्रवेश लेने से इंकार कर दिया था। इससे दोनों युवकों ने उससे अभद्रता की थी और रिवाल्वर भी तान दिया था। घटना की तहरीर सुनगढ़ी पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। उधर, एसओ ने बताया कि दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया था। इसलिए पुलिस कार्रवाई नहीं हुई थी।
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मिलनसार और मृदुल स्वभाव का था आकाश
मृतक आकाश काफी मिलनसार और मृदुल स्वभाव का था। उसकी मौत से गांव में मातमी से गांव के सभी लोग आहत है। ग्रामीण बताते हैं कि आकाश की गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं थी। वह काफी मिलनसार और मृदुल स्वभाव का था। सभी उसे काफी दुलार करते थे। उसके स्वभाव और व्यवहार के कारण ही गांव के उसके स्कूल में सबसे अधिक बच्चे भी शिक्षण ग्रहण करते हैं। मृतक दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। हर ग्रामीण की आंखें उसकी मौत से नम हैं।
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परिजनों का रो-रोकर है बुरा हाल
देर रात करीब 11 बजे जब मां ऊषा देवी को बेटे के कत्ल होने की खबर मिली तो वह बदहवाश हो गई। भाई सौरभ और बहन अंजली दहाड़े मारकर चीखने लगी। चीखपुकार पर आकाश के कत्ल की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। उसके घर पर महिलाओं की भारी भीड़ जमा हो गई। महिलाएं और ग्रामीण विलख रहे परिजनों को दिलासा दे रहे थे।
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चार साल पहले पिता अब बेटे का कत्ल
कत्ल को पिता के मर्डर से जोड़कर देख रहे हैं ग्रामीण
पीलीभीत। चार साल पहले पिता और अब बेटे का कत्ल होने को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं तेजी से हो रही हैं। लोग आकाश की हत्या को उसके पिता की हत्या से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस ने भी अपनी जांच पिता के मर्डर केश को जोड़कर शुरू कर दी है। ग्राम बरहा निवासी उपेंद्रपाल मिश्रा प्राइवेट शिक्षक थे। उन्होंने ग्राम बरहा में स्कूल संचालित किया था। उनके दो बेटे आकाश, सौरभ और एक पुत्री अंजली थी। चार साल पहले उपेंद्र पाल मिश्रा की सब्जी मंडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने एक युवक को आला कत्ल समेत पकड़कर चालान भेजा था। पुलिस इस घटना की जांच भी इसी एंगिल को आधार मानकर कर रही है। हालांकि गांव में इस तरह की चर्चा आम है की जिस तरह मृतक के पिता की हत्या हुई थी। यह हत्या भी उसी की पुनरावृत्ति है।